शाजापुर। चीलर नदी के प्रदूषित पानी में मंगलवार-बुधवार को हजारों मछलियां मर गईं। बुधवार को महूपुरा स्थित दोनों पुलिया के पास सैकड़ों मछली मरी हुई स्थिति में पाई गई। जानकारों का कहना है कि नदी का पानी प्रदूषित होने से ऑक्सीजन की कमी हो गई। इस कारण मछलियां मर रही हैं। यदि नपा गंदे पानी को हटा दे तो मछलियों के मरने का सिलसिला थम जाएगा।
वर्तमान में चीलर नदी में वाटर वर्क्स से लेकर बादशाही पुल तक दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े नाले मिल रहे हैं। जिनके जरिए पूरे शहर का गंदा पानी नदी में मिल रहा है। चूंकि, बारिश के बाद पानी का बहना भी थम गया है। इस कारण पानी एक जगह थमकर सड़ांध मारने लगा है। इस कारण अब जलीय जीवों पर खतरा मंडराने लगा है।
सुबह लग गई भीड़
नदी के प्रदूषित पानी में बुधवार सुबह सैकड़ों मछलियों को मृत अवस्था में देख लोगों की भीड़ महूपुरा की पुलियाओं पर लग गई। कुछ लोगों ने तड़प रही जिंदा मछलियों को निकालकर दूसरी ओर साफ पानी में फेंका ताकि वे बच सकें। मछलियों के साथ कुछ सांप भी मृत अवस्था में मिले।
ये वजह भी
दूसरी ओर लोग पूजा-पाठ की सामग्री भी नदी में फेंक देते हैं जो बाद में सड़ांध मारने लगती है। जानकारों का मानना है कि ये भी मछलियों समेत अन्य जलीय जीवों की मृत्यु की एक वजह है।
