सुरेंद्र जैन…खरी खरी… जहा एक और गाय के लिए गौ भक्त एक दूसरे की जान लेने को आमादा है वही और एक सक्षम पुलिस अधिकारी ट्रैन से कटी हुई निरीह और पूजनीय गौमाता के लिए इस तरह के अपमान जनक अपशब्द कहे यह शोभा नही देता।
विदित है कि कल रात में ट्रेन के टक्कर से लगभग २५ गायो की मौत हो गयी थी जिनको बिना पोस्टमार्टम किये दफनाने पर एसडीओपी साहिबा शशि कैथवास से पुछा गया तो उन्होंने गायो को ही आवारा करार देते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया जिस देश मे गाय को माता का दर्जा दर्जा देकर उसकी पूजा अर्चना की जाती है वही एक महिला पुलिस अधिकारी द्वारा ( यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता) जबकि हमारे यहाँ नारियो को भी पूजनीय माना गया है ऐसी पूजनीय नारी द्वारा बेजुबान निरीह गायों के लिये आवारा शब्द बहुत ही चुभने वाला और मन को द्रवित करने वाला है। क्या मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अपने वरिष्ठ और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को इस तरह के संवेदनशील मामलों में कैसे तोल मोल के बात की जाए जिससे जन भावनाओं को ठेस न लगे की ट्रेनिंग देगे या फिर अधिकारी ऐसे ही बेलगाम जवाब देकर जन भावनाओं को उद्वेलित करते रहेंगे।
गाय और आवारा श श श….वह भी एक महिला के मुख से,ठीक नही है SDOP महोदया।
