खबर पक्की, 8 मार्च, रतलाम। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग एप के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंट्रोलर की तलाश कर रही है। ठगी का शिकार होने वालों में रतलाम और प्रदेश के कई शहरों सहित अन्य प्रदेशों के लोग भी शामिल है।
एसपी अमित कुमार ने आज इस पूरे मामले का खुलासा किया। दरअसल 4 मार्च को आलोट क्षेत्र के ग्राम रणायरा निवासी निजी स्कूल में शिक्षक पुष्कर पिता रामेश्वर पाटीदार 36 वर्ष ने पुलिस में फर्जी मेटा ट्रेंडिंग एप के माध्यम से इन्वेस्टमेंट कर कर 7 लाख से अधिक रुपए की धोखाधड़ी करने की शिकायत आलोट थाने पर की थी। मामले को गंभीरता से लेते हए एसपी अमित कुमार ने साइबर सेल एवं पुलिस टीम बनाकर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में जो सामने आया उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।
पुलिस ने इस मामले में सोनम पिता अशोक परदेसी 32 साल निवासी भोपाल, आरती पिता महेश 24 साल निवासी इटारसी, दिनेश पिता तेज प्रताप 30 साल निवासी इंदौर, राजपूत शंकर 23 साल निवासी इंदौर और पूरे मामले के मास्टरमाइंड फिरोज पिता सनावर 35 साल निवासी देवास एवं मोइन खान पिता अंसारी 21 साल निवासी देवास को गिरफ्तार किया है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जब पूछताछ की गई तो इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपी फिरोज और मोइन गिरोह के सरगना है।
एक शेयर ट्रेडिंग कंपनी में काम करते थे। कंपनी बंद होने के पास इन दोनों युवतियों ने वहां से करीब 1 लाख लोगों का डाटा कॉपी कर लिया। फिरोज और मोइन ने दोनों को अपने साथ मिलाया और मेटा ट्रेड्स 5 प्रो के नाम से 55 हजार में डेवलपर से एक ऐप खरीदा। आरोपियों ने सोनम और आरती द्वारा दिए गए डाटा के अनुसार लोगों को फोन लगाकर उन्हें इन्वेस्टमेंट का झांसा दिया और फिशिंग का डिमैट अकाउंट खुलवाए गए। आरोपियों ने ट्रेडिंग एप की लिंक व्हाट्सएप पर भेज कर धोखाधड़ी पूर्वक शेयर खरीदवाकर लोगों से खातों में पैसे डलवाए गए।
आरोपियों द्वारा गरीब खाताधारकों को लालच देकर उनके खातों में पैसे का लेनदेन करवाया गया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि अभी तक 25 ऐसे खाताधारकों की जानकारी पुलिस को मिली है। अभी और जांच जारी है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों ने शुरू में पैसे कमाने का लालच लोगों को दिया। आरोपी सर्वर ऐप को कंट्रोल करने वाले आरोपियों के साथ मिलकर शेयर की वैल्यू अपने मनचाहे अनुसार बढ़ाते और घटाते थे। यदि कोई इन्वेस्टर लाभ के पैसे निकालने की बात करता तो उसके शेयर की वैल्यू सर्वर एप के माध्यम से कम कर शेयर को होल्ड रखने या अधिक पैसे इन्वेस्ट करने की बात कही जाती थी। जिस कस्टमर द्वारा पैसे निकालने का दबाव बनाया जाता उसकी आईडी ऐप्स से हटाकर मोबाइल को बंद कर दिया जाता। फरियादी पुष्कर के साथ भी आरोपियों ने ऐसा ही किया था।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों से हुई पूछताछ में अभी तक 5 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन सामने आया है। रतलाम और आसपास के जिलों सहित बिहार, झारखंड एवं अन्य प्रदेश के लोगों को भी आरोपियों ने ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस अब इस मामले में सॉफ्टवेयर डेवलपर, सर्वर एप कंट्रोल करने वाले व्यक्ति, फिशिंग करने वाला आरोपी और जिन लोगों के खातों में धोखाधड़ी के पैसे गए उनकी तलाश कर रही है। इस मामले में अभी और खुलासे की संभावना है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
निरीक्षक शंकर सिंह चौहान, एसआई मनोज पाटीदार, साइबर सेल की टीम से लक्ष्मी नारायण, मनमोहन शर्मा, हिम्मत सिंह गोड, विपुल भावसार, राहुल पाटीदार, बाबूलाल मालवीय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस को मिली बड़ी सफलता : फर्जी ट्रेडिंग एप से 5 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा, दो युवतियों सहित 6 आरोपी गिरफ्तार
