खबर पक्की, 2 सितंबर, रतलाम। अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत की अध्यक्षता में जिले के मिट्टी की मूर्ति निर्माणकर्ताओं के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी गणेश चतुर्थी एवं नवरात्रि पर्व को दृष्टिगत रखते हुए पर्यावरण हितैषी मिट्टी की मूर्तियों के निर्माण एवं उपयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
अपर कलेक्टर श्री रावत ने कहा कि मूर्ति निर्माण में पीओपी (प्लास्टर ऑफ पेरिस) अथवा किसी भी प्रकार की रासायनिक सामग्री का उपयोग नहीं किया जाए। अधिक से अधिक मिट्टी की मूर्तियों का निर्माण किया जाए, क्योंकि मिट्टी से निर्मित मूर्तियां पर्यावरण के अनुकूल होती हैं और विसर्जन के बाद पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में जो कलाकार बड़ी से बड़ी मिट्टी की प्रतिमा का निर्माण करेंगे, ऐसे सभी मूर्तिकारों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने मूर्तिकारों से अपील की कि वे ऐसी प्रतिमाओं का निर्माण करें, जिन्हें पूरी तरह मिट्टी से ही तैयार किया जा सके। बड़ी प्रतिमाओं के निर्माण में पीओपी अथवा अन्य सामग्री के उपयोग की आवश्यकता पडऩे की स्थिति से बचने के लिए प्रतिमाओं का आकार निर्धारित सीमा में रखा जाए।
अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मूर्ति निर्माण की अनुमति प्रदान करते समय संबंधित एसडीएम प्रतिमा के आकार का विशेष रूप से ध्यान रखेंगे तथा अनुमति में प्रतिमा की निर्धारित साइज का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। साथ ही मिट्टी की मूर्तियों के निर्माण एवं उपयोग के लिए जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान में समाजसेवियों, जागरूक नागरिकों एवं विभिन्न संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में मूर्तिकारों द्वारा मूर्ति विसर्जन के लिए एक ही स्थान निर्धारित किए जाने सहित अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए। प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं व्यवस्थित मूर्ति विसर्जन को लेकर प्राप्त सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की बात कही गई। इस अवसर पर पर्यावरणविद् डॉ. खुशाल सिंह पुरोहित, गोविंद काकानी, जन अभियान परिषद के रत्नेश विजयवर्गी सहित जिले के मूर्तिकार उपस्थित रहे।
मिट्टी की बड़ी मूर्तियां बनाने वाले कलाकारों को किया जाएगा सम्मानित : अपर कलेक्टर रावत, मिट्टी की मूर्ति निर्माणकर्ताओं के साथ बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिए निर्देश
