खबर पक्की, 2 सितंबर, रतलाम। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत ग्राम रानीसिंग के ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने ग्राम पलाश स्थित अंजना इण्डेन ग्रामीण वितरक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अजय कटेसरिया के निर्देश पर 1 सितंबर को जिला आपूर्ति अधिकारी, नापतौल निरीक्षक और सहायक आपूर्ति अधिकारी (रतलाम ग्रामीण) की संयुक्त टीम ने गैस एजेंसी की जांच की। जांच में गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण से लेकर स्टॉक संधारण और नापतौल में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान गैस एजेंसी के कार्यालय के पास बिना विस्फोटक लाइसेंस वाले दो कमरों और खुले परिसर में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर अनधिकृत रूप से रखे मिले। इनमें 14.2 किलोग्राम के 50 भरे और 103 खाली, 19 किलोग्राम के 6 भरे और 2 खाली तथा 5 किलोग्राम के 19 भरे और 12 खाली सिलेंडर** शामिल थे। प्रशासन ने सभी अनधिकृत सिलेंडरों को मौके पर जब्त कर सुपुर्दगी में लिया और उन्हें अधिकृत गोदाम में रखने के निर्देश दिए।
10 सिलेंडरों की जांच, एक में 1.10 किलो गैस कम
नापतौल विभाग ने मौके पर रखे भरे सिलेंडरों में से 10 का वजन कराया। इसमें 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले एक सिलेंडर में निर्धारित मानक से 1 किलो 100 ग्राम गैस कम पाई गई। संबंधित सिलेंडर को जब्त कर एजेंसी के खिलाफ विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 एवं नियमावली-2011 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।
रजिस्टर और रेट बोर्ड भी नहीं मिले
जांच के दौरान एजेंसी में स्टॉक रजिस्टर, स्टॉक-भाव सूची (रेट बोर्ड) और उपभोक्ता विवरण रजिस्टर भी उपलब्ध अथवा प्रदर्शित नहीं मिले। दैनिक क्रय-विक्रय, भंडारण और गैस डिलीवरी का आवश्यक लेखा-जोखा भी संधारित नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण का सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं था और जांच के लिए आवश्यक बाट भी उपलब्ध नहीं पाए गए।
प्रबंधक और प्रोपराइटर पर प्रकरण
जांच में मिली अनियमितताओं के आधार पर अंजना इण्डेन ग्रामीण वितरक के प्रबंधक/तथा प्रोपराइटर के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। वहीं नापतौल विभाग द्वारा विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 एवं नियमावली-2011 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
गैस एजेंसी में मिली अनियमितता-जनविश्वास अभियान की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश से कार्रवाई, प्रबंधक और प्रोपराइटर के प्रकरण दर्ज
