खबर पक्की, 23 जनवरी, रतलाम। जिले के पिपलौदा जनपद के हरियाखेड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच को आर्थिक अपराध शाखा (श्वह्रङ्ख) ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। सरपंच जितेंद्र पाटीदार ने पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने के बदले रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने प्लान के तहत जावरा बस स्टैंड चौपाटी पर रिश्वत के रुपए लेते सरपंच को पकड़ा।
ईओडब्ल्यू डीएसपी अमित कुमार भट्टी ने बताया कि रतलाम के मोहन नगर निवासी पिंटू (23) पिता अंबराम मुनिया ने 21 जनवरी को आवेदन दिया था। वह हर्ष इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में मैनेजर है। उनकी कंपनी को जावरा में भूमि विकास के लिए 200 ट्रक मुर्रम की आवश्यकता थी। ग्राम हरियाखेड़ा के सरपंच जितेंद्र (27) पिता पुरूषोत्तम पटादीर निवासी हरियाखेड़ा से मुर्रम की खुदाई के लिए संपर्क किया।
40 हजार की रिश्वत मांगी थी
सरपंच ने अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए प्रति ट्रक 200 रुपए के हिसाब से 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की तस्दीक के बाद प्लान के मुताबिक गुरुवार दोपहर कार्रवाई की। सरपंच को पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपए लेते हुए पकड़ा गया। कार्रवाई में ईओडब्ल्यू के एएसपी अजय कैथवास समेत टीम में 10 सदस्य शामिल रहे।
ट्रैफिक चौकी के पास किया ट्रेप
सरपंच को रिश्वत के रूप रुपए देने के लिए बस स्टैंड के पास ट्रैफिक चौकी के पास बुलाया गया। रिश्वत लेने के बाद ईओडब्ल्यू ने पकड़ कर पास में स्थित ट्रैफिक चौकी में लेकर गए। वहां पर कागजी कार्रवाई की। समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी रही।
20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ाया सरपंच : एनओसी देने के बदले मांगे थे 40 हजार, ईओडब्ल्यू की कार्रवाई
