खबर पक्की, 5 सितंबर, रतलाम। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में राजस्व कार्यों में प्रगति हुई है, लेकिन यह अभी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाते हुए जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया जाए।
कलेक्टर ने बताया कि एक माह पूर्व जिले की राजस्व रैंकिंग 48वें स्थान पर थी, जो अब सुधार होकर 29वें स्थान पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि अभी और बेहतर प्रयास की आवश्यकता है। अधिकारियों को लक्ष्य दिया गया कि अगले दो माह में जिले को टॉप-10 में लाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करें।
बैठक में नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि नामांतरण के मामलों में तेजी आई है, लेकिन बंटवारा एवं अभिलेख दुरुस्ती के कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग से संबंधित लगभग 1800 शिकायतें लंबित हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आगामी दो माह में लंबित शिकायतों की संख्या 1000 से कम की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निराकरण नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
तहसीलदारों द्वारा बताया गया कि कुछ पुराने प्रकरण सिविल न्यायालय में विचाराधीन होने तथा अन्य कारणों से स्पेशल क्लोजर में रखे गए हैं। कुछ मामलों में बिना स्वत्व स्थापित किए व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण अथवा रास्ते को लेकर शिकायतें की गई हैं। कलेक्टर ने ऐसे प्रकरणों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में पहले राजस्व विभाग की स्थिति 52वें स्थान पर थी, जो वर्तमान में सुधार होकर 32वें स्थान पर पहुंची है। हालांकि स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को और बेहतर कार्य करते हुए शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग राज्य शासन की प्राथमिकता का महत्वपूर्ण मार्ग है। कलेक्टर ने कहा कि सिंहस्थ मार्च 2028 से पूर्व इस मार्ग को चालू किया जाना है। इसलिए इसके निर्माण एवं भूमि संबंधी कार्यों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। जिन भूमि स्वामियों द्वारा मुआवजा राशि लेने से मना किया जा रहा है, उनकी मुआवजा राशि नियमानुसार धारा 77 के तहत न्यायालय में जमा कराने की कार्रवाई की जाए। निर्माण स्थल पर व्यवधान उत्पन्न करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से संबंधित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता से संतुष्टिपूर्वक निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन के संज्ञान में शिकायत आने के बाद किसी भी अधिकारी को कार्रवाई से बचाव की उम्मीद कलेक्टर से नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत में अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो वे स्वयं शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग शासन की योजनाओं एवं आमजन से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का विभाग है। इसलिए अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और आमजन की समस्याओं का समय पर एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग निर्माण में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं : कलेक्टर, शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करें, कार्रवाई पर बचाव की उम्मीद कलेक्टर से न रखें, कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर दिए सख्त निर्देश
