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बैंक में जमा काले धन पर लगेगा 50 से 70 पर्सेंट टैक्स

ByHarish Sharma

Nov 17, 2016

सरकार बैंक में जमा काले धन पर टैक्स दर बढ़ाने पर विचार कर रही है। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि हालिया इनकम डिक्लेयरेशन स्कीम में अपनी संपत्ति बताने वालों को, बैंक में काला धन जमा करने वालों के मुकाबले नुकसान न उठाना पड़े।

इस योजना के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया, ‘कई सरकारी अधिकारियों ने काले धन पर 200 पर्सेंट जुर्माना लगाने की सिफारिश की है लेकिन यह वर्तमान टैक्स फ्रेमवर्क में संभव नहीं है। इसे देखते हुए सरकार को 15 से 25 पर्सेंट टैक्स बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है।’ इसके बाद अपने धन का स्रोत नहीं बता पाने वालों के लिए टैक्स दर 50 से 60 पर्सेंट तक हो सकती है। यह दर केवल उन लोगों पर लागू होगी जिन्होंने 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद भारी मात्रा में अपने बैंक अकाउंट में रुपया जमा किया है।

इससे पहले, जिन लोगों ने सितंबर तक अपना काला धन घोषित किया था उन पर सरकार ने 45 पर्सेंट टैक्स रेट निर्धारित किया था। टैक्स दर बढ़ाने का यह सुझाव इस हफ्ते वित्त मंत्रालय की हुई एक मीटिंग में दिया गया था। कई टैक्स अधिकारियों ने सरकार को सुझाव दिया था कि जिन लोगों का काला धन बैंक में जमा है उन पर पेनल्टी नहीं लगा पाएंगे। एक टैक्स अधिकारी ने बताया, ‘यह अतिरिक्त टैक्स एक सीमा के बाद ही लागू किया जाएगा ताकि काले धन वालों के अलावा किसी को कोई परेशानी न हो।’

सरकार अगले साल फाइनैंस बिल में बदलाव कर या एक ऑर्डिनेंस के जरिए काले धन वालों के लिए इस टैक्स रेट में परिवर्तन कर सकती है। हालांकि इसमें टैक्स अधिकारियों के लिए भी दिक्कत यह है कि अगर कोई इस साल नई दर लागू होने से पहले अपने काले धन पर सामान्य 35 पर्सेंट टैक्स दे देता है तो उसे गलत नहीं माना जा सकता। एक वरिष्ठ टैक्स वकील ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘आयकर विभाग ऐसे लोगों पर जुर्माना नहीं लगा सकता जो अपने खाते में इस साल की आमदनी बताकर कैश डाल रहे हैं क्योंकि इसे न तो सूचना नहीं दिया जाना माना जा सकता है और न ही गलत सूचना देना। हालांकि कुछ मामलों में यह टैक्सदाता की चालाकी हो सकती है लेकिन इसे साबित करने की पूरी जिम्मेदारी आयकर अधिकारी की होगी।’

टैक्स विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि काले धन के खुलासे पर 200 पर्सेंट जुर्माना लगाना भी समस्या पैदा कर सकता है। राजस्व सचिव ने स्पष्ट किया है कि बैंक में जमा की जा रही छोटी धनराशियों पर कोई सवाल नहीं किया जाएगा लेकिन 2.5 लाख रुपये अधिक जमा करने वालों पर नजर रखी जाएगी। तो निश्चित तौर पर 2.5 लाख से ज्यादा जमा कराने वालों को पहली नजर में टैक्स न देने वाला माना जाएगा जब तक कि जमाकर्ता आय का स्रोत नहीं बता देता। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो टैक्स के अलावा सरकार गलत सूचना देने पर टैक्स ली जाने वाली रकम पर 200 पर्सेंट जुर्माना लगा सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक कानूनी तौर पर 200 पर्सेंट टैक्स लगाया जाना अभी संभव नहीं है।

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