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मार्केट में धूम मचाएगा स्नैपचैट, फेसबुक के बाद आ रहा सबसे बड़ा टेक IPO

ByHarish Sharma

Nov 17, 2016

पिछले कुछ सालों से सुस्त चल रहे शेयर बाजार में एक बड़ी हलचल होने वाली है. दरअसल टेक्स्ट, फोटो और वीडियो शेयरिंग ऐप स्नैपचैट की मूल कंपनी ने कथित तौर पर आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स) पेश करने के लिए जरूरी दस्तावेज दायर किए हैं.

स्नैप इंक ने एक कानून के तहत जो एक अरब डॉलर से छोटी कंपनी को लेनदेन सुलझाए जाने तक उनके वित्तीय अभिलेखों को सार्वजनिक समीक्षा से दूर रखने के लिए प्रतिभूति और विनिमय आयोग के साथ अत्यंत गुप्त कागजी कार्रवाई दाखिल की है. इसकी जानकारी इस दाखिले के बाद गुप्त और विश्वसनीय स्रोतों के साथ बातचीत में साझा की गई.

फेसबुक के बाद अमेरिका का सबसे बड़ा टेक आईपीओ!
अगर स्नैप ग्राहकों के बीच जाने का फैसला करता है तो इस प्रक्रिया को मार्च तक पूरा करना होगा. इस कंपनी का वैल्यूएशन 20-30 अरब डॉलर के बीच लगाया गया है. स्नैप अगर शेयर की पेशकश करता है तो यह 2012 में फेसबुक के सार्वजनिक शुरुआत के बाद से अमेरिका में सबसे बड़ा टेक आईपीओ होगा. 2012 में फेसबुक 81 अरब डॉलर से ऊपर की कंपनी थी. अमेरिकी शेयर बाजार में आईपीओ की पेशकश करने वाली अब तक की सबसे बड़ी कंपनी अलीबाबा ग्रुप है जो दो साल पहले इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स लेकर आया था. तब इसकी कीमत 170.9 बिलियन डॉलर आंकी गई थी.

वाल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार 2009 की तुलना में इस साल अब तक बहुत कम आईपीओ आए हैं. इस साल अमेरिकी शेयर बाजार में आए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स की संख्या अब तक 103 है जबकि पिछले साल यह 165 थी.

टेक्स्ट, फोटो और वीडियो शेयरिंग ऐप है स्नैपचैट
स्नैपचैट 2011 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा शुरू किया गया टेक्स्ट, फोटो और वीडियो शेयरिंग ऐप है जो भेजने के कुछ ही सेकेंड में गायब हो जाता है. आज यह ऐसा संचार माध्यम है जो दोस्तों के साथ बात करने का मजेदार जरिया बन गया है. इसकी लोकप्रियता ने इसे आज फेसबुक जैसी कंपनियों के साथ ऑनलाइन विज्ञापन पर प्रभुत्व जमाने की प्रतिस्पर्धा में शामिल कर दिया है. हाल ही में इस कंपनी ने अपने आय में सात अरब डॉलर यानी 56 फीसदी की बढ़त दर्ज की है. इसी दौरान इसका मुनाफा 2.38 अरब डॉलर यानी लगभग तीन गुना बढ़ा है.

स्नैपचैट की आय का एकमात्र जरिया 10 करोड़ डेली यूजर्स को दिखाया जाने वाला विज्ञापन है. इन यूजर्स में से 41 फीसदी 18 से 34 आयु वर्ग के अमेरिकी हैं. हालांकि आय का एकमात्र जरिया होना निवेशकों के लिए चिंता का विषय भी है. वैसे कंपनी ने सितंबर के महीने में वीडियो शूट करने वाले सनग्लास ‘स्पेकटेकल्स’ के साथ हार्डवेयर के क्षेत्र में भी कदम रख दिया.

वैसे यह बताना जरूरी है कि यह कंपनी दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की के राह पर है. दो साल पुराने विज्ञापन बिजनेस के अगले साल 1 अरब डॉलर पहुंच जाने की संभावना है जबकि इस साल 35 करोड़ रुपये की कमाई की संभावना है. कंपनी का सटीक वित्तीय ब्यौरा आईपीओ दाखिले के सार्वजनिक होने के बाद सामने आएगी.

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