धार। आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल टेस्ट के दौरान जिला अस्पताल में अभ्यर्थियों के सीने पर वर्ग लिखने के मामले में कार्रवाई जारी है। मंगलवार को उपनिरीक्षक और निरीक्षक पर कार्रवाई के बाद दूसरे दिन बुधवार को 34वीं बटालियन के एएसआई तेजराम मरकाम व हेड कांस्टेबल नारायणसिंह गौतम को निलंबित किया गया है।
दोनों पुलिसकर्मी मेडिकल के दौरान तैनात थे। दोनों ने कार्य में लापरवाही बरती। यह मामला नईदुनिया ने 29 अप्रैल को उजागर किया था। इसके बाद से संबंधित विभागों में हडक़ंप मचा है और कार्रवाई हो रही है।
उधर, अजाक थाने के डीएसपी रामतिलक मालवीय ने भी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें 8 से 10 डॉक्टरों के बयान लिए हैं। तैनात पुलिसकर्मियों के भी बयान दर्ज किए हैं। इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम के डॉ. केसी शुक्ला का कहना है कि पुलिसकर्मियों के बयान लेने की प्रक्रिया चल रही है।
प्रभारी सीएमएचओ जयपालसिंह ठाकुर ने बताया कि कुछ लोगों के बयान शेष हैं। गुरुवार शाम तक जांच पूरी होने की उम्मीद है। जिसकी गलती होगी उस पर कार्रवाई होगी। सूत्रों के अनुसार यह बात भी सामने आ रही है कि अभ्यर्थी के सीने पर मार्किंग जिला अस्पताल में परीक्षण के दौरान ही की गई थी।
राहुल गांधी ने भी साधा था निशाना
सोमवार को राहुल गांधी ने सीने पर एससी-एसटी लिखने को संविधान पर हमला बताया था। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा सरकार के जातिवादी रवैये ने देश की छाती पर छुरा मारा है। मध्यप्रदेश में युवाओं के सीने पर एससी-एसटी लिखकर देश के संविधान पर हमला किया है। ये भाजपा और आरएसएस की सोच है। यही सोच कभी दलितों के गले में हांडी टंगवात थी, शरीर में झाडू बंधवाती थी, मंदिर में घुसने नहीं देती थी। हम इस सोच को हराएंगे।
धार में सीने पर एसटी-एससी लिखने के मामले में एएसआई और हेड कांस्टेबल निलंबित
