रतलाम। शहर के चांदनीचौक इलाके में ज्वेलरी शॉप चलाने वाले कारोबारी प्रकाश मूणत को नीमच पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले की छोटी सादड़ी से गिरफ्तार किया है। मूणत पिछले 10 माह से फरार थे और नीमच पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रूपए का ईनाम घोषित किया हुआ था। रतलाम में चांदनीचौक स्थित सराफा एसोसिएशन मार्केट के पास प्रकाश मूणत की ज्वेलरी शॉप है।
नीमच में 13 जनवरी की रात करीब 8 बजे डायमंड कारोबारी अजय सोनी पर अज्ञात बदमाशों ने 3 फायर किए थे। इनमें से 2 गोलियां कार पर लगी जबकि 1 से अजय सोनी जख्मी हुए थे। अजय सोनी के ही भाई अनिल सोनी के मंदसौर खालाखेत स्थित शो रूम पर भी पिछले साल दिसंबर महीने में हमला हुआ था। इन दोनों ही मामलो की मंदसौर और नीमच पुलिस ने संयुक्त जांच की तो खुलासा हुआ था कि यह हमला मंदसौर के ही आजमलाला गैंग के सदस्यों ने किया था। प्रकरण में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनसे पूछताछ में खुलासा हुआ था कि रतलाम के सर्राफा कारोबार प्रकाश मूणत और अनिल सोनी के बीच 50 लाख रूपयों के लेन-देन का विवाद चल रहा था। प्रकाश मूणत ने ही आजमलाला गैंग को अनिल सोनी और उसके भाई अजय सोनी पर हमला करने और उन्हें डराकर अपना रूपया वसूलने के लिए सुपारी दी थी। इस खुलासे के बाद से ही प्रकाश मूणत फरार था। नीमच पुलिस ने व्यापारी मूणत की गिरफ्तारी के लिए कई बार रतलाम में भी सर्चिंग की। आखिरकार बुधवार रात पुलिस ने प्रकाश मूणत को छोटी सादड़ी में एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस हिरासत में भी प्रकाश मूणत खुद को निर्दोष बताते रहे। उनका कहना है कि इस मामले में मुझे गलत तरीके से फसाया गया। मूणत यह भी कहते है कि पुलिस द्वारा प्रकरण में नाम शामिल किए जाने के बाद से बहुत घबरा गया था इसलिए इधर-उधर भागता रहा।
