रतलाम। जगह नाहरपुरा, वक्त सुबह 9 बजे। दो बदमाश रास्ते से गुजर रही एक वृद्ध महिला के पास पहुंचे, कहा- अम्मा आगे झगड़ा हो रहा है। भीड़ में कोई आपके गहने लूट सकता है। इन्हें उतारकर रूमाल में बांध लो। वृद्धा इनके कहने में आ भी जाती है और बस यही भूल ठगी का कारण बन जाती है।
झगड़ा-हंगामा होने की झूठी कहानी सुनाकर वृध्द महिला से सोने के जेवरात ठगी की वारदात गौशाला रोड़ निवासी शांताबाई पति बाबूलाल चाणोदिया 75 वर्ष के साथ हुई है। महिला के पुत्र रखब चाणोदिया ने बताया कि मंगलवार सुबह वे उनकी माता को गणेश देवरी स्थित जैन मंदिर पर दर्शन के लिए छोड़कर गए थे। इसके बाद माताजी स्वंय ही दवाई लेने जिला अस्पताल की और निकल गई। नाहरपुरा क्षैत्र में एक व्यक्ति ने पीछे से आवाज लगाई, जो उन्होने नहीं सुनी। इसके बाद फिर आवाज लगाई और व्यक्ति के कहा कि साहब आपको आवाज दे रहे है और आप सीधे जाए जा रहे है। स्वंय को पुलिस अधिकारी बताते हुए दोनों व्यक्तियों ने वृध्दा से रोबदार आवाज में पूछा कि कहां जा रहे हो। वृध्दा ने जब जिला अस्पताल की और जाने की बात कही तो बदमाशों ने कहा कि आगे चाकूबाजी की घटना हो गई है, जिस कारण आगे चौराहे पर हंगामा हो रहा है और पुलिस तैनात हैं। बदमाशों ने महिला को अफवाह सुनाकर डराते हुए कहा कि आपने जो जेवरात पहन रखे हैं वो भीड़ में कोई भी चोरी कर सकता है इसलिए आप इन्हें उतारकर रुमाल में पोटली बना लो और घर जाओ। महिला ने बदमाशों को जवाब दिया कि जेवर नकली हैं। बदमाशों ने उन्हें इसपर भी डराते हुए कहा कि कई बार नकली को असली समझकर बदमाश हमला कर देते हैं। इसके बाद महिला उनकी बातों में आ गई और उन्होंने गले में पहन रखी सोने की 12 ग्राम वजनी चेन और 5 ग्राम वजनी अंगूठी आदि उतारकर पुडिय़ा बनाने के लिए उनके हाथ में दे दिए। बदमाशों ने इसी दौरान आंख बचाकर चकमा दे दिया और अन्य पुडिय़ां उनके हाथों में थमा दी। इसके बाद बदमाश मौके से रवाना हो गए, और महिला अपने घर के लिए निकल पड़ी। जब घर जाकर उन्होंने पुडिय़ा खोली तो उसमें कंकर-पत्थर देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने परिजनों के साथ माणकचौक थाना पुलिस को घटना की शिकायत की।
