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फिर निशाने पर सर्वानंद बाजार और बालाजी होटल, 4 अधिकारियों का कलेक्टर ने वेतन भी रोका

BySurendra Jain

Nov 6, 2017

 

रतलाम। न्यू रोड़ स्थित सर्वानंद बाजार और होटल बालाजी पार्किंग मामले में एक बार फिर से प्रशासन के निशाने पर है। कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने एसडीएम शहर अनिल भाना को दोनों ही प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। इसके अलावा कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं करने वाले 4 अधिकारियों का वेतन रोक दिया है। कोषालय अधिकारी को कहा गया है, जब तक चारों टारगेट पूरा नहीं कर लेते वेतन जारी नहीं किया जाए।

टीएल बैठक में सोमवार दोपहर कलेक्टर ये निर्देश जारी किए है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रतिष्ठान पार्किंग के लिए रखे जाने वाले वाहनों के आवागमन को दृष्टिगत रखते हुए ऊंचाई  बढ़ाएं ,ताकि पार्किंग जोन में वाहनों को रखने में सुविधा रहे। कलेक्टर ने कोर्ट में चल रहे अतिक्रमण संबंधी मामलों की फाइल भी प्रस्तुत करने को कहा । उन्होनें पुराने बाजना बस स्टैंड के समीप की खाली भूमि के प्रकरण में विभाग का पक्ष रखने के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को महलवाडा क्षेत्र में ऊर्जा विभाग का तीसरा झोन चालू करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में नगर पालिका निगम के अधिकारियों को शहर में अवैध कालोनियों को वैध कराने के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव प्रस्तुत कर कार्यवाही करने को कहा गया ,ताकि नगर पालिका निगम को कालोनियां हस्तांतरित होने पर सभी आवश्यक सेवाएं नियमानुसार की जा सके। नगर पालिका निगम के अधिकारियों को भवन अनुज्ञा के सभी लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए, रतलाम जिले में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आवश्यकतानुसार मकानों की संख्या का आंकलन कर रतलाम विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया । कलेक्टर ने जिले के सभी अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में जन सुनवाई के लंबित प्रकरणों की संख्या 10 से अधिक नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों द्वारा बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमवार के दिन अधिकारियों द्वारा हाईकोर्ट केस के बहाने अनुपस्थित रहते हैं, प्रत्येक स्थिति में पूर्व सूचना देकर ही अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हो सकेंगे। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण 300 से अधिक दिन तक लंबित रखने के मामले में नगर निगम आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग का वेतन रोकने को कहा है।

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