रतलाम। एमपी विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे है, वैसे-वैसे ही यहां भी राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप और सरकार की वादाखिलाफी पर विपक्ष के आरोप तेज होने लगे है। मिशन 2018 के लिए मुख्यमंत्री की प्रस्तावित विकासयात्रा से पहले रतलाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष डी.पी. धाकड़ ने कलेक्टर रतलाम को एक चिठ्ठी लिखी है। धाकड़ ने चिठ्ठी के माध्यम से कलेक्टर से कहा है कि वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रतलाम प्रवास के दौरान उनके द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं की याद दिलाएं और उन्हें बताए कि ये घोषणाएं अब तक पूरी नहीं की गई है।
प्रदेश में विकासयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रतलाम भी आएंगे। जिपं उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता डी.पी. धाकड़ के अनुसार मुख्यमंत्री चौहान ने रतलाम जिले के संदर्भ में 4 प्रमुख ऐसी घोषणाएं की है जो कई वर्षो बाद भी केवल कागज पर ही है। मुख्यमंत्री को ये घोषणाएं इसलिए याद दिलाई जाएंगी, क्योंकि इनके पूरा होने से जिले की जनता को फायदा मिल सके।
वे घोषणाएं जो पूरी नहीं हो सकी
- जामण नदी में खुद मुख्यमंत्री ने पैदल चलकर 17 करोड़ रूपए का नदी कायाकल्प का प्रोजेक्ट मौखिक रूप से स्वीकृत किया था।
- गुणावद डेम परियोजना भी कागजों में है। आसपास के लगभग 50 गांवो के रहवासी जहरीला पानी इस्तेमाल करने को मजबूर है।
- औद्योगिक संस्थानों से निकलने वाले कचरे के निष्पादन के लिए 300 करोड़ रूपए का प्रोजेक्ट कागजों पर ही है।
- कनेरी बांध का शिलान्यास 2007 में किया गया था। अब तक यह घोषणा पूरी नहीं हो सकी है।
- लोकसभा उपचुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री ने कई छोटी-बड़ी घोषणाएं की थी लेकिन काम किसी में शुरू नहीं हो सका।
