खबर पक्की : 22 सितंबर रतलाम, रतलाम जिले में डेंगू का प्रकोप अपने चरम पर पहुंच चुका है जिले के हर एक हॉस्पिटल में सारे बेड फूल है निजी हो या सरकारी l हालत यह है कि मरीज को बेड के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है l स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सारे दावे फेल है और निजी अस्पतालों ने डेंगू के इलाज के नाम पर लूट मचा रखी है 40000 से ₹50000 का बिल डेंगू के इलाज के नाम पर लिया जा रहा है कोरोना काल में वैसे ही गरीब और मध्यम वर्ग की कमर टूट चुकी है उस पर डेंगू के प्रकोप ने जनता को खून के आंसू रुला रखे हैं l जिला प्रशासन के कर्ताधर्ता कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम से जनता यह अपेक्षा रखती है कि डेंगू के नाम पर प्राइवेट अस्पतालों के लूट पर रोक लगा कर उनके charges को नियंत्रित करेगी l साथ ही मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं का डेंगू के इलाज के लिए उपयोग कर डेंगू के मरीजों को वहां भर्ती करना अगर शुरू कर देते हैं तो आम जनता को काफी राहत मिल सकती है कोरोना कंट्रोल के लिए जनता और मुख्यमंत्री की प्रशंसा हासिल कर चुके कलेक्टर से जनता डेंगू के प्रकोप को देखते हुए इतनी तो उम्मीद कर ही सकती है l
