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पटवारी हड़ताल दसवे दिन ग्राम धराड़ में बावड़ी की सफाई कर रचनात्मक कार्य किया

BySurendra Jain

Aug 16, 2021

खबर पक्की: 16 अगस्त रतलाम, मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रान्तीय आव्हान पर जिले के पटवारीयो द्वारा अपनी वर्षों से लंबित वेतनमान संशोधन व 3 सूत्रीय मांगों के संबंध में अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल 10 अगस्त से की जा रही है । हड़ताल के पूर्व मध्य प्रदेश पटवारी संघ द्वारा 25 जून को मुख्य सचिव महोदय, मुख्यमंत्री महोदय, सीएलआर महोदय , एवं राजस्व मंत्री महोदय को ज्ञापन प्रस्तुत कार अवगत करवाया गया । उसके पश्चात 29 जून को मुख्यमंत्री महोदय के नाम प्रदेश के समस्त जिलाधीश महोदयो को ज्ञापन प्रस्तुत कर अवगत कराया गया। तत्पश्चात मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा पुरे प्रदेश मे अपनी वाजिब मांगो हेतू 7 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया इस तारतम्य में 12 जुलाई से भू अभिलेख का कार्य छोड़कर शेष कार्य पटवारी नहीं कर रहे थे। केवल बाढ़ आपदा वैसे महत्वपूर्ण कार्य मानवता एवं सामाजिक दृष्टि से करते रहे। इसके अतिरिक्त पटवारियों द्वारा पूरे प्रदेश में 2 अगस्त से 4 अगस्त तक तीन दिवस का सामूहिक अवकाश लिया गया एवं 3 अगस्त को पूरे प्रदेश में जिलाधीश महोदय को स्मरण पत्र अपनी मांगों के संबंध में पूर्व प्रस्तुत किया गया। किंतु शासन की ओर से डेढ़ माह पश्चात भी पटवारियो की मांगो की ओर कोई ध्यान न देने के कारण पटवारी 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए । मुख्यमंत्री महोदय श्री शिवराज सिंह जी चौहान ने वर्ष 2007 मे सनावद सम्मेलन मे पटवारी के वेतन विसंगति दुर करने का आश्वासन दिया था किन्तु शासन ने राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार का वेतनमान उन्नयन कर दिया किन्तु पटवारी का वेतन उन्नयन नही किया गया व पटवारी के साथ शासन द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया ।
पटवारियों की मुख्यतः तीन मांगे है :-
1 वेतनमान ग्रेड पे 2800 की जाए व समयमान वेतनमान विसंगति दूर की जाए ।
2 वर्ष 2018 के पटवारियों के गृह जिले में स्थानांतरण किये जाए ।
3 वर्ष 2018 के पटवारियों की सीपीसीटी के नियम की अनिवार्यता समाप्त की जाए ।
ग्रेड पे के संबंध में पटवारी द्वारा 2007 के पूर्व से लगभग 20 वर्षों से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं किंतु शासन द्वारा उनकी वाजिब मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जैसा कि सभी जानते हैं कि पटवारी राजस्व विभाग का सबसे छोटा कर्मचारी और सबसे नीचे का पद होकर पर अति महत्वपूर्ण पद है एवं चाहे कोई कार्य /फाइल जो राजस्व निरीक्षक को जाए,तहसीलदार को जाए, एसडीएम को जाए, कलेक्टर को जाए, कमिश्नर को जाए या राज्य शासन को जाए पटवारी की रिपोर्ट के बिना कोई भी आदेश /कार्य नहीं होता है। इसके अतिरिक्त पटवारी अन्य 16 विभागो के भी 56 प्रकार के कार्य करता है । इतना महत्वपूर्ण पद होने के उपरांत भी इस पद के वेतनमान विसंगति कि ओर ध्यान न देकर शासन द्वारा निरंतर उपेक्षा की जा रही हैं। एवं इनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पटवारियों द्वारा इसी तारतम्य में सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाकर दिनांक 16 अगस्त को ग्राम धराड़ स्थित पुरातात्विक उकालो पर सफाई करके रचनात्मक व सामाजिक कार्य का फैसला लेते हुए हड़ताल अवधि में पूरे जिले के पटवारियों द्वारा उपस्थित होकर श्रमदान एवं पौधारोपण कार्य किया गया एवं 15 नीम के पौधे भी लगाई गए ।पुर्व कृषक आयोग अध्यक्ष श्री ईश्वरलाल जी पाटीदार द्वारा पटवारियों की मांग वाजिब बताते हुए उन्हें पूरा करने हेतु हरसंभव प्रयास व सहयोग करने का आश्वासन दिया गया।
इस मौके पर श्री ईश्वरलाल जी पाटीदार साहब पुर्व कृषक आयोग अध्यक्ष, लोकेन्द्र सिंह जी राठौर पुर्व उपसरपंच, विक्रमसिंह राठोर मंडल अध्यक्ष भा ज पा, दिपक जोशी पटवारी संघ जिला अध्यक्ष श्री ध्रुवलाल निनामा, रतलाम ग्रामीण तहसील अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार द्वारा अपने विचार व्यक्त किये गये व,पिपलोदा तहसील अध्यक्ष श्री ओमकार भूरिया , रावटी तहसील अध्यक्ष श्री गौरव बोरिया ,बाजना तहसील अध्यक्ष रितेश सांसरी इसके अतिरिक्त जिले के पटवारी के डी बैरागी , नन्दकिशोर पाल, वीरेन्द्र सिंह रखमेश्वर खराड़ी, अशोक योगी , सुशील भिण्डवाल,शांतिलाल पवार, धीरज परमार , राजेश गेहलोत , भरत खराडी , प्रभु गरवाल , अर्जित सक्सेना,विश्वास मेहता , टीकमसिंह , तहसील सचिव रतलाम ग्रामीण अमृत आंजना , विजय मकवाना,देवी सिंह निनामा, दिव्य बेनावत , संगीता तिवारी , मन्जू कटारा , संदीप कलवा , दिपक शिन्दे , भारती राठौर व जिले के कई पटवारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन दिपक राठोड तहसील अध्यक्ष ताल ने किया।

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