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आईटी एक्ट की धारा 66 ए के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र राज्य सहित हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को भी नोटिस

BySurendra Jain

Aug 2, 2021

खबर पक्की: 2 अगस्त नईदिल्ली, आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार को पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज द्वारा दायर याचिका में नोटिस जारी किया, जिसमें श्रेया सिंघल मामले में फैसले के तहत धारा 66 ए के प्रावधान के तहत प्राथमिकी के खिलाफ विभिन्न दिशा-निर्देश और गाइडलाइन मांगी गई हैं। बेंच ने कहा, “चूंकि यह मामला न केवल अदालतों से संबंधित है, बल्कि पुलिस से भी। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया जाता है। यह आज से 4 सप्ताह की अवधि के भीतर किया जाना चाहिए। रजिस्ट्री को नोटिस जारी होने पर दलीलों को संलग्न करना होगा।”

सुनवाई के दौरान जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय पारिख से राज्यों को भी पक्षकार बनाने के लिए कहा ताकि अदालत एक ‘व्यापक उचित आदेश’ दे सके क्योंकि अंततः पुलिस राज्य का विषय है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख ने कहा कि जहां एक स्थिति पुलिस के बारे में है, वहीं दूसरी न्यायपालिका की है। कोर्ट ने कहा, न्यायपालिका की हम अलग से देखभाल कर सकते हैं लेकिन पुलिस भी है। इसमें एक उचित आदेश होना जरूरी है क्योंकि आईटी एक्ट की धारा 66 ए में प्रकरण पंजीबद्ध होना जारी नहीं रह सकता।

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