खबर पक्की: 21 जुलाई रतलाम, आज रिटायर्ड वन अधिकारी श्री एसएन मोहता से मुलाकात हुई, उन्होंने बताया कि पत्नी के दांत के इलाज के चक्कर में डॉक्टर के यहां आने जाने के कारण घर में सभी लोगों को कोरोना हो गया था। 59 वर्षीय मोहता ने बताया कि गंभीर संक्रमण होने के कारण उनको मेडिकल कॉलेज में भर्ती होना पड़ा था। रतलाम मेडिकल कॉलेज और उसके स्टाफ की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया कि अगर मेडिकल कॉलेज नहीं होता तो यहां बहुत जन हानि होती इस भयानक बीमारी में यहां के स्टाफ ने जी जान से मरीजों की सेवा की। साथ ही उन्होंने बताया कि अज्ञानता के कारण यहां भर्ती अनेक मरीजों और उनके परिजनों ने यहां के स्टाफ के साथ बहुत अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज भी किया उसके बाद भी बहुत विनम्रता से मेडिकल स्टाफ ने सब कुछ सह कर भी उनकी सेवा की अपनी बीमारी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी उनकी रिकवरी को देखकर चकित थे कुल जमा 8 दिन में भर्ती रहा लेकिन तीन ही दिन में रिकवरी बहुत अच्छी हो गई थी और इस कारण डाक्टरों ने रेमेडी सीविर आदि का उपयोग करने से मना कर दिया और इतनी फास्ट रिकवरी के लिए पूछा कि आप क्या खाते हो तो उन्होंने बताया कि वह रोज सुबह गर्म पानी के साथ शुद्ध शहद और नींबू पीते हैं इसके कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अच्छी है यही वजह रही कि उन्हें बहुत ज्यादा गोली दवाई आदि का सेवन नहीं करना पड़ा और इतनी उम्र होने के बावजूद उन्हें जल्दी रिकवरी के कारण जल्दी छुट्टी मिल गई। उन्होंने बताया कि वह ज्यादातर जैविक खाद्य पदार्थों का उपयोग करते हैं यही कारण था कि इतनी गंभीर बीमारी होने के बावजूद मैं बहुत जल्दी बीमारी को मात देकर स्वस्थ हो गया। उन्होंने कहा कि मेरी सभी को सलाह है कि ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक चीजों का उपयोग करें और नित्य प्रति सभी शहद और नींबू का प्रयोग करें तो करोना जैसी कोई भी बीमारी आपका बाल भी बांका नहीं करेगी।
