खबर पक्की: 16 जुलाई रतलाम, एक तरफ रतलाम को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जा रहे हैं दूसरी तरफ बड़े टुकड़े में से छोटे टुकड़े किए गए या छोटे टुकड़ों को जोड़कर बनाए गए बड़े प्लाटों का नामांतरण नगर निगम नहीं कर रहा है ना निर्माण अनुमति दे रहा है यही कारण है कि उन प्लाटों पर खरीदार द्वारा बगैर भवन निर्माण अनुमति के निर्माण किया जा रहा है। इससे न तो नगर निगम को राजस्व मिल रहा है और ना ही एम ओ एस के नियमों का पालन होने से भविष्य में सैकड़ों परेशानियां खड़ी होना है। एक अनुमान के अनुसार पूरे शहर में 400 से 500 इस तरह के निर्माण कार्य चल रहे है जिससे करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि नगर निगम को हो रही है वहीं दूसरी तरफ शहर में बेतरतीब विकास के कारण आने वाले समय में शहर की जनता को ढेरों समस्याओं से रूबरू होना पड़ेगा। लेकिन ना तो निगम प्रशासन को ना जिला प्रशासन को ना राजनेताओं को न विपक्ष को ना शहर के जागरूक कहलाने वाले समाज सेवीयो को किसी को भी इसकी चिंता नहीं है।
