खबर पक्की : 25 मई रतलाम, भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए जिले में 22 थानो पर आवेदन दिए। इसी प्रकार कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर की गई f.i.r. रद्द करने के लिए जिला कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन दिया। आप खूब ज्ञापन दो खूब फोटो छपाओ खूब नेतागिरी करो किसी को कोई आपत्ति नहीं लेकिन आम जनता का सीधा सा छोटा सा सवाल जिले के कलेक्टर और एसपी से है जब आपने जिले में सख्त लॉकडाउन की घोषणा का आदेश निकाल रखा है और ई पास की व्यवस्था लागू कर रखी है। आम जनता बीमारी की आशंका में फिवर क्लीनिक जाने पर E पास मांगा जाता है अन्य बहुत जरूरी काम होने पर जब बाहर निकलता है तो उससे E पास मांगा जाता है तो फिर विधायक और उनके समर्थक थाने में ज्ञापन देने आते हैं तो उनसे E पास क्यों नहीं मांगा गया भाजपा द्वारा 22 थानो में आवेदन दिए जाते हैं किसी भी व्यक्ति से कोई E पास नहीं मांगा जाता जिला कांग्रेस अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ खुद जिला कलेक्टर ऑफिस में ज्ञापन देने आते हैं उनसे ई पास नहीं मांगा जाता है तो क्या आपके आदेश में नेताओं को नेतागिरी करने के लिए छूट दी गई है और यदि छूट नहीं दी गई है तो आपके द्वारा और जिला पुलिस के द्वारा उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्या पुलिस का डंडा सिर्फ बेबस और बेकसूर के लिए है ताकतवर और पहुंच वाले लोगों के लिए अलग कानून है। आप जनता के सेवक है सरकार के गुलाम नहीं जो जनता सरकार बनाती है उस जनता के लिए अलग रवैया और सत्तारूढ़ लोगों और नेताओं के लिए अलग रवैया यह दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। क्योंकि भारतीय संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है।
