खबर पक्की : 21 जनवरी रतलाम, इंदौर में हुए बड़े राशन घोटाले के बाद प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई का यह बयान कि सभी जिला कलेक्टर अपने अपने यहां ऐसे राशन माफियाओं की जांच कर उन पर कड़ी कार्रवाई करें के बाद सब लोगों की नजर रतलाम कलेक्टर पर अटक गई है। यहां यह बताना प्रासंगिक होगा कि पूर्व में 2014 में कलेक्टर चंद्रशेखर बोरकर के समय बहुत बड़े पैमाने पर राशन घोटाला पकड़ा गया था लेकिन किन कारणों से वह फाइल आगे बढ़कर कार्रवाई के मुकाम तक नहीं पहुंची उस वक्त जांच में जो राशन माफिया दोषी पाए गए थे आज भी उनकी दुकानें बदस्तूर जारी है जबकि उनके खिलाफ f.i.r. तक हुई थी। प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई के निर्देश के बाद कलेक्टर गोपाल चंद्र डाड के पास उन पुरानी फाइलों को खोलने का भी पर्याप्त कारण है साथ ही इंदौर जैसा ही राशन घोटाला रतलाम में भी हमेशा से चलता रहा है अगर इनकी सघन जांच की जाए और दुकान से सामान ले जाने वाले उपभोक्ताओं के भौतिक सत्यापन किया जाए तो रतलाम में भी बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। प्रमुख सचिव के बयान के बाद रतलाम के राशन माफियाओं की नींद उड़ी हुई है और वे अभी से आका तलाशने लगे हैं।
