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जिला प्रशासन की अभिनव पहल, जिले के सभी 6 विकासखंडों में स्थापित हुईं आधुनिक ज्ञानार्जन लाइब्रेरी

BySurendra Jain

Nov 5, 2026

खबर पक्की, 5 नवंबर, रतलाम। जिले के विद्यार्थियों एवं युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, शांत एवं आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रतलाम द्वारा एक अभिनव पहल की गई है। कलेक्टर अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन के निर्देशन में जिले के सभी 6 विकासखंडों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘ज्ञानार्जन लाइब्रेरीÓ स्थापित की गई हैं। इन लाइब्रेरी का शुभारंभ धनतेरस के शुभ अवसर पर 6 नवंबर 2026 को प्रात: 10 बजे जनप्रतिनिधिगण के करकमलों द्वारा किया जाएगा।
इस अभिनव पहल के अंतर्गत जिले के सभी 6 विकासखंडों में उपलब्ध शासकीय भवनों का उन्नयन कर उन्हें आधुनिक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इन लाइब्रेरी का विकास जिला पंचायत के 15वें वित्त आयोग की अनटाइड मद से किया गया है। प्रति लाइब्रेरी 5 लाख की लागत से कुल 30 लाख की राशि से 6 आधुनिक ज्ञानार्जन लाइब्रेरी तैयार की गई हैं।
जिले के विकासखंड आलोट में नागेश्वर रोड, दशहरा मैदान के सामने स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में तथा विकासखंड रतलाम में ग्राम पंचेड़ के आजाद चौक स्थित शासकीय बालिका विद्यालय परिसर में ज्ञानार्जन लाइब्रेरी स्थापित की गई है। वहीं विकासखंड बाजना, पिपलोदा, जावरा एवं सैलाना में जनपद पंचायत परिसर में आधुनिक ज्ञानार्जन लाइब्रेरी विकसित की गई हैं। इस प्रकार जिले के सभी 6 विकासखंडों में विद्यार्थियों के लिए अध्ययन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
ज्ञानार्जन लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए आरामदायक कुर्सी-टेबल, विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री, कंप्यूटर सिस्टम एवं हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यार्थी इन सुविधाओं के माध्यम से ऑनलाइन अध्ययन, ई-लर्निंग एवं डिजिटल शैक्षणिक सामग्री का उपयोग कर सकेंगे। लाइब्रेरी का वातावरण शांत, स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाएगा, ताकि विद्यार्थी एकाग्रचित्त होकर अपनी पढ़ाई कर सकें। विशेष रूप से ऐसे विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जिन्हें घर पर अध्ययन के लिए उपयुक्त वातावरण एवं संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते हैं।
इस पहल की विशेषता यह भी है कि ज्ञानार्जन लाइब्रेरी का संचालन आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक लाइब्रेरी के साथ ‘दीदी कैफेÓ भी संचालित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों को चाय, कॉफी एवं हल्के नाश्ते की सुविधा मिलेगी। इससे एक ओर विद्यार्थियों को अध्ययन केंद्र में ही रिफ्रेशमेंट उपलब्ध होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका एवं स्वरोजगार का नया अवसर भी सृजित होगा।
ज्ञानार्जन लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को मात्र 1 रुपए प्रति घंटे की न्यूनतम दर पर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी आधुनिक अध्ययन संसाधनों का लाभ मिल सकेगा। कम शुल्क में बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने की यह पहल शिक्षा के अवसरों को अधिक सुलभ एवं समावेशी बनाएगी।
जिले के सभी 6 विकासखंडों में ज्ञानार्जन लाइब्रेरी की स्थापना से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा एवं नियमित अध्ययन के लिए बेहतर मंच मिलेगा। यह पहल न केवल विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका से जोडऩे का भी माध्यम बनेगी।

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