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स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 : अपने निकाय को नम्बर वन बनाने के लिए कडी मेहनत करें, आम नागरिकों को अभियान से जोड़ें, कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए दिशा-निर्देश

BySurendra Jain

Dec 3, 2020

खबर पक्की, 3 दिसंबर, रतलाम। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में नगरीय निकायों के लिए कुल 6 हजार अंक रखे गए हैं। मापदण्डों के आधार पर नगरीय निकाय अच्छी रेकिंग प्राप्त कर सकें, इसके लिए कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने जिले के सभी नगर पालिका अधिकारियों की बैठक आयोजित कर निर्देश दिए कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में सभी नगरीय निकाय अच्छी रेटिंग अर्जित करें। अभी तक जिले में किसी भी निकाय को स्टार रेटिंग नहीं है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 2021 सर्वेक्षण में प्रत्येक नगरीय निकाय को कम से कम सिंगल स्टार रेटिंग अवश्य प्राप्त हो, इसके लिए जी-जान से जुट़ जाए, मेहनत करें, आमजन को अभियान से जोड़ें। बैठक में परियोजना अधिकारी शहरी विकास निशिकांत शुक्ला, निगम के उपायुक्त भविष्य खोब्रागड़े आदि उपस्थित थे।
कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता के संबंध में शहर और नगरपालिका के साथ जनसहभागिता और समन्वय स्थापित हो, तभी सकारात्मक परिणाम आएंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नगरीय निकाय स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रेकिंग प्राप्त करें। इसके लिए आवश्यक है कि जनता का आपकी नगरपालिका के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव हो, उसे वह मात्र नगरपालिका नहीं मानते हुए अपनी संस्था माने।
कलेक्टर ने जिले के नगर पालिका अधिकारियों के समक्ष इंदौर का उदाहरण दिया जहां नागरिकों का व्यवहार सकारात्मक रूप से परिवर्तित हुआ जिससे इंदौर लगातार देश में नंबर वन है। इंदौर में यदि कोई व्यक्ति कचरा फेंक देता है तो दूसरे लोग उस पर आपत्ति लेते हुए कचरे का प्रापर निष्पादन करवाते हैं। बताया गया कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में कुल 6000 अंक रहेंगे जो विभिन्न घटकों के लिए दिए जाएंगे। इनमें सेवा स्तर प्रगति के लिए 2400 अंक, सिटीजन वॉइस के लिए 1800 अंक, स्टार रेटिंग के लिए 1100 अंक तथा खुले में शौच से मुक्ति के लिए 700 अंक निर्धारित किए गए हैं।
बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 पर प्रजेंटेशन के माध्यम से नगर पालिका अधिकारियों को विभिन्न मापदण्डों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नगरपालिका अधिकारियों का रेस्पॉन्ड नागरिकों के मैसेज पर सकारात्मक हो। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि छोटी नगर पालिकाओं में भी प्रमुख चौराहों पर एक फव्वारा अवश्य स्थापित किया जाए, इस पर बहुत कम खर्च आता है।

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