खबर पक्की, 18 सितंबर, शाजापुर। न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शुजालपुर द्वारा आरोपीया रजनी पति सुनिल सोनगरा उम्र 32 वर्ष निवासी वार्ड नं. 7 नूरपुरा शुजालपुर सिटी का जमानत आवेदन पत्र अभियोजन की ओर से विडियो कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित संजय मोरे अति.डीपीओ शुजालपुर के तर्को से सहमत होते हुए निरस्त किया गया ।
सहा.जिला मीडिया प्रभारी संजय मोरे अति.डीपीओ शुजालपुर ने बताया कि, फरियादीया ताराबाई ने एक लेखी शिकायत आवेदन पत्र थाना कोतवाली पाली (राजस्थान) पर आरोपीगण पवन (पति ), लक्ष्मीचंद (ससुर ), शांति देवी (सास), सुनिल (जेठ ), रजनी ( जेठानी) के विरूद्ध दिया कि, उसकी पुत्री मृतिका किरण का विवाह हिन्दू रीति रिवाज अनुसार दिनांक 09/02/2019 को आरोपी पवन के साथ हुआ था। उसकी पुत्री एक वर्ष तक ससुराल आती जाती रही। उसकी पुत्री ने उसे बताया था कि, उसे आरोपीगण दहेज के लिए तंग और परेशान करते है। उसे दो बार पूर्व मे भी ससुराल से निकाल दिया था, लेकिन समाज के व्यक्तियों की समझाइश पर मृतिका को वापस ससुराल भेज दिया था। उस समय वह गर्भवती थी। दिनांक 22/03/2020 को जनता कफ्र्यू के दिन फरियादी को सुबह 09 बजे से 9-30 के बीच फोन लगाकर बताया था कि, ससुराल वाले उसे दहेज के लिए तंग व परेशान कर रहे है और उसके सोने चांदी के गहने भी उतरा लिए है और उसे खाना भी नही दिया है। उसी दिन शाम को 07 से 10 बजे फिर मोबाइल पर फोन आया तो मृतिका ने बताया की मम्मी मुझे तुम लेने आ जाओ मेरी जान को खतरा है । आरोपीगण आपस मे काना फुसी कर रहे है। उस दिन के बाद फरियादीया के पास मृतिका का फोन नही आया। फिर दिनांक 26/03/2020 को फरियादीया की पुत्री किरण की लाश का फोटो मोबाईल पर उसके जमाई ने भेजा तो उसने देखा था। आरोपीगण के विरूद्ध थाना शुजालपुर सिटी पर अपराध पंजीबद्ध किया गया। आज दिनांक 18/09/2020 को आरोपीया का जमानत आवेदन पत्र न्यायालय द्वारा निरस्त किया गया।
दहेज लोभी आरोपीया का जमानत आवेदन पत्र निरस्त
