खबर पक्की : 8 सितंबर रतलाम, 4 सितंबर को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जब हज़ारों पड़े लिखे बेरोजगार नौजवान अपने रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे तब पुलिस द्वारा युवाओं पर जिस तरीके से बर्बरता के साथ लाठीचार्ज किया गया और 50से ज्यादा युवाओं पर मुकदमे दायर किए गए हैं यह घोर निंदनीय है ।इतना ही नही प्रदर्शन मे शामिल छात्राओं पर पुलिस द्वारा प्रदर्शन के दौरान जिस तरह का अभद्र व्यवहार किया गया,गाली गलौज की गई हम इसकी कड़े से कड़े शब्दों मे निंदा करते है व प्रशासन से मांग करते है की गिरफ्तार किये गए नौजवानों पर लगाए गए केस तुरंत वापस लिए जाए। यह मांग ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन(AIDYO)
मध्य प्रदेश युवा बेरोजगार संघ के
दिनेश ठाकुर
रविन्द्र परिहार
प्रमोद नामदेव
गोपाल प्रजापति ने शासन से की है
आज देश विशेषकर प्रदेश का नौजवान रोजगार को लेकर जिस पीड़ा से गुजर रहा है ये किसी से भी छुपा नही है। प्रदेश के अंदर पिछले दिनों भोपाल में 70 लोगों ने आत्महत्या की भिंड के अंदर 28 नौजवानों ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर ली। चुनाव से पहले हर पार्टी नौजवानों से रोजगार देने के बड़े बड़े वादे करती है पर सत्ता मे आते ही नौजवानों से मुह मोड लेतीं है। ऐसे मे आज नौजवानों के पास लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि सरकार देश के अंदर कोई भी वैकेंसी नहीं लेकर आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के अंदर 2018 में शिक्षक भर्ती आई थी जिसमें बहुत ही कम संख्या में पद आवंटित किए गए थे हिंदी विभाग के मात्र 100 पद, विज्ञान के 50,आदि।वही हम देख रहे है कि प्रदेश के अंदर शिक्षा विभाग में लगभग 1लाख 50 हजार पद खाली पड़े हुए उनको भरा नहीं जा रहा है 2018 में जो भर्ती आई थी उसमें बहुत कम पद आये थे।लेकिन आज हम देख रहे हैं कि वह भर्ती आज तक नहीं हो पाई है । पिछले 3 साल से पुलिस भर्ती नहीं आई है युवा ऑवर ऐज हो रहे है ।पटवारियों की एग्जाम हुई लेकिन हमने देखा कि उनकी भी आज तक जॉइनिंग नही कराई गयी है। इस तरीके से पूरे प्रदेश के अंदर लाखों पद खाली पड़े हुए हैं उनको भरा नहीं जा रहा है बच्चे दिन रात नौकरी के लिए मेहनत करके पढ़ाई करते हैं लेकिन आज सरकारी की नीतियों के कारण रोजगार को खत्म किया जा रहा है । आज लाखों पदों को सरकार ने खत्म कर दिया है और प्रदेश के अंदर स्थाई पदों को खत्म किया जा रहा है ठेकेदारी प्रथा व निजीकरण को बढ़ावा देते हुए आज बेरोजगार नौजवानों का भयंकर शोषण किया जा रहा है । इस निजी करण के चलते हमारे पास उदाहरण है रेलवे का जिसमें डेढ़ लाख से भी ज्यादा नौकरियां खत्म हो चुकी है इसी तरीके से अगर हर विभाग का निजीकरण कर दिया जाएगा तो नौकरी की उम्मीद नहीं रहेगी इसके खिलाफ में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था जिसमें प्रदेशभर के नौजवान शामिल हुए थे ।
युवा संगठन ए आई डी वाय ओ एवं मध्यप्रदेश युवा बेरोजगार संघ पिछले कई सालों से ये आंदोलन लगातार चला रहे है इस दौरान प्रदेश मे भा ज पा की भी सरकार रही तथा बीच मे 15 महीने कांग्रेस भी सत्ता मे रही है पर आंदोलन लगातार चलता रहा है ।इस प्रदर्शन को एक गंदा राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है हम यहां पर आपको बताना चाहते हैं कि यह प्रदर्शन बेरोजगार नौजवानों का विरोध प्रदर्शन था किसी पार्टी का प्रदर्शन नहीं था कांग्रेस भी पिछले दिनों वही नीति लेकर आई जिस नीति पर भाजपा चल रही है कांग्रेस के शासनकाल में भी नौजवानों के लिए कोई भी नौकरियां नहीं निकाली गई और भाजपा सरकार भी कोई नौकरीयां नहीं निकाल रही है झूठे वादे झूठे आश्वासन और घोषणाएं चल रही हैं ।लेकिन नौजवानों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
5 सितंबर को पूरे देश भर के अंदर ऑल इंडिया डी वाय ओ के द्वारा कल की लाठीचार्ज की घटना के खिलाफ प्रतिवाद दिवस मनाया जा रहा है। प्रदेश के अंदर भी मध्य प्रदेश बेरोजगार संघ और AIDYO के संयुक्त आह्वान पर यह आंदोलन चलाया जा रहा है और यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक कि प्रदेश की सरकार रोजगार को लेकर नौजवानों की माँगो को पूरा नही करती है और तमाम सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को नहीं भरा जाता है। हम मांग करते हैं कि
* कल छात्र छात्राओं के साथ हुई अभद्रता और लाठीचार्ज की निष्पक्ष जाँच की जाये और दोषी अधिकारी व पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाये ।
* गिरफ्तार किये गए नौजवानों के खिलाफ दायर मुकदमा तुरंत वापस लिये जाये ।
● “मप्र में सभी शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगी रोक तुरंत हटाओ”। “मप्र संविदा वर्ग-3 भर्ती निकाली जाये”।
●”मप्र में सभी वर्दीधारी पदों की भर्ती आयु सीमा 37 वर्ष की जाये”।
● “सभी संविदाकर्मियों को नियमित किया जाये”।
● “MPPSC 2020 परीक्षा भर्ती निकाली जाये”।
बेरोजगारों पर लाठीचार्ज से युवाओं में नाराजगी
