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मध्य प्रदेश सरकार का फैसला:जेईई-नीट की परीक्षा देने वालों को आने-जाने के लिए मुफ्त परिवहन सुविधा मिलेगी, भोपाल में 7 हजार परीक्षार्थी एग्जाम देंगे

BySurendra Jain

Aug 31, 2020

खबर पक्की, 31 अगस्त, भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है जो जेईई मेन्स और नीट 2020 में सम्मिलित हो रहे हैं। इन विद्यार्थियों को कोरोना के कारण समस्या न हो, इस उद्देश्य से आने-जाने के लिए मुफ्त वाहन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए परीक्षार्थी को 181 या मप्र ई-पास पोर्टल https/mapit.gov.in/covid-19 पर संपर्क कर रजिस्टर करना होगा। इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों को नाम, पता, मोबाइल नंबर, परीक्षा की दिनांक और स्थान (कहां से कहां) उल्लेख करना होगा। राजधानी भोपाल और उसके आसपास के जिलों के 7000 परीक्षार्थी जेईई मेंस एग्जाम में बैठेंगे।
ये सुविधा जिला प्रशासन परीक्षार्थी को उपलब्ध कराएगा। परीक्षार्थी यदि चाहे तो उसके एक सहयोगी को भी परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए दो तरफ की नि:शुल्क परिवहन सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा परीक्षार्थियों को प्राप्त करने के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय में उपस्थित होना होगा। यहां से परीक्षा केंद्र तक आने-जाने की सुविधा दी जाएगी।
जेईई मेंस एग्जाम 1 सितंबर और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को
ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (JEE MAIN EXAM) की परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। वहीं, नीट की परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर को किया जाएगा। ये दोनों ही परीक्षाएं देश की बड़ी परीक्षाएं है क्योंकि इनसे आईआईटी से इंजीनिरिंग और मेडिकल की पढ़ाई का रास्ता खुलता है। हालांकि कोरोनाकाल में ये परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। जिसके लिए छात्रों को अपना ख्याल रखना होगा।
जेईई मेंस के 11 जिलों और नीट के 5 जिलों में ही सेंटर
मध्यप्रदेश के 52 जिलों में से केवल 11 (उज्जैन, सतना, सागर, रीवा, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, भोपाल, बैतूल, बालाघाट) में जेईई मेन के सेंटर हैं। यानी 41 जिलों के बच्चों को सफर करना पड़ेगा। वहीं, नीट के सेंटर सिर्फ 5 शहरों (भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन) में हैं।
थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मिलेगा प्रवेश पानी की बोतल साथ ले जा सकेंगे छात्र
एनआईटी जैसे इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन्स-2020 का आयोजन 1 से 6 सितंबर तक ऑनलाइन मोड में किया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेन्स-2020 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा दो शिफ्ट में सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक ली जाएगी। इस परीक्षा में भोपाल से 7000 से अधिक स्टूडेंट्स बैठने वाले हैं। भोपाल में सैम कॉलेज, आईईएस कॉलेज और ट्रिनिटी कॉलेज को परीक्षा सेंटर बनाया गया है।
यह होगा ड्रेस कोड
परीक्षा के लिए खास ड्रेसकोड भी निर्धारित किया गया है। उम्मीदवार को बड़े बटन वाले कपड़ों के साथ ही पूरी आस्तीन के कपड़ों को पहनने की मनाही होगी। मोटे तलवे वाले या हाई हील शूज और सैंडल भी नहीं पहन सकेंगे।
सैनिटाइज होगा कमरा-कंप्यूटर
कैंडीडेट्स सैनिटाइजर की 50 एमएल की बोतल परीक्षा केंद्र में साथ जा सकेंगे।
बैठने की जगह, मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस, वेब कैमरा, डेस्क और कुर्सी को हर शिफ्ट से पहले और बाद में सैनिटाइज किया जाएगा।
सेंटर के सभी दरवाजों के हैंडल, रेलिंग, लिफ्ट के बटन आदि को भी सैनिटाइज किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र पहुंचने पर सुरक्षाकर्मी द्वारा हर कैंडिडेट्स की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
कैंडिडेट्स को तीन लेयर वाले मास्क एग्जाम सेंटर में दिए जाएंगे। परीक्षा के दौरान वही मास्क पहनना होगा।
7000 परीक्षार्थी भोपाल के केंद्रों में देंगे परीक्षाएं
1 सितम्बर यानि मंगलवार से शुरू होने जा रही जेईई मेन्स परीक्षा में भोपाल से इस बार करीब 7000 छात्र शामिल होने वाले हैं। इनमें से करीब 4500 छात्र भोपाल के हैं और लगभग 2500 छात्र आस-पास के शहरों से भोपाल परीक्षा देने पहुंचेंगे।
सरकार के साथ ही कुछ वालंटियर भी करेंगे मदद
शहर में अभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा शुरू नहीं हुई है, ऐसे में स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर तक पहुंचने में परेशानी ना हो सकती हैं। इस समस्या के लिए शहर के 3 लोगों राजीव पारोलकर, नरेश मोटवानी और अस्मा खान ने मिलकर स्टूडेंट्स को नि:शुल्क एग्जाम सेंटर तक समय पर पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। इसके लिए तीनों मिलकर गाड़ियों की व्यवस्था कर रहे हैं, जो बच्चों को सेंटर तक पहुंचाएगी। इस पहल में 30 लोग भी वॉलंटियर के रूप में मदद कर रहे हैं।
इन सात जगहों पर बनाए गए हैं पिकअप प्वाइंट
आरजीपीवी चौराहा
केपिटल मॉल
नीलबड़ चौराहा
आईएसबीटी
मिनाल गेट नं.-1
नादरा बस स्टैंड
हलालपुर बस स्टैंड

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