खबर पक्की : 15 जुलाई रतलाम, कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिराने के बाद बनी मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार में जिस तरह बगैर विधायक बने लोगों को भारी-भरकम मंत्री पदों से नवाजा गया है उससे जनता में बेचैनी व्याप्त है इस संदर्भ में खबर पक्की ने शहर के बुद्धिजीवी और हर तबके के लोगों से चर्चा की चर्चा में यह बात सामने आई की जिस तरह बगैर विधायक बने लोगों को मंत्री पद दिया गया है, इससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि ये मोलभाव करके ही भाजपा में आए हैं। लेकिन इस तरह दल बदल कर सरकार गिरा कर नई सरकार बनाने वाले लोगों को जनता पसंद करती है या नहीं करती है यह समय के गर्त में छुपा हुआ है अतः नैतिकता का तकाजा यह है कि यदि बगैर विधायक बने मंत्री बनाए गए लोग चुनाव में जाते हैं और और यदि जनता इन्हें नकार कर हरा देती है तो ऐसे लोगों से मंत्री बने रहने की अवधि का पूरा खर्चा व्यक्तिगत तौर पर वसूला जाए या जिस पार्टी ने इनको मंत्री बनाने में मदद की वह पार्टी इसकी भरपाई करें आखिर जनता की पसीने की गाढ़ी कमाई से भरे गए टैक्स का इस तरह दुरुपयोग कहां तक जायज है। सरकार को भी और न्यायपालिका को भी कानून में इस तरह का संशोधन किया जाना चाहिए की बगैर विधायक बने या सांसद बने आखिर कितने लोगों को आप मंत्री बना सकते हैं नहीं तो यह मोलभाव की राजनीति आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।
