शाजापुर। जिले के गांव बिजनाखेड़ी में करीब 16 घंटे अभियान चलाकर बुधवार सुबह करीब 10:15 बजे मलबे में दबे चारों मजदूरों के शव निकाल लिए गए। राहत कार्य में एसडीईआरएफ होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग, खनिज विभाग की टीम मौजूद रही एसडीईआरएफ की टीम द्वारा दो पोकलेन, पांच जेसीबी से खुदाई की गई और कुएं से काफी दूर से मलबे तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया। लगातार 16 घंटे खुदाई करने के बाद जब रेस्क्यू टीम मजदूरों तक पहुंची तो उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों में तीन महिलाएं और एक युवक शामिल है।
महिलाएं ग्राम चक दे हरिपाल और युवक गोविंदा गांव का निवासी है। मौके पर कलेक्टर दिनेश जैन, एसपी पंकज श्रीवास्तव भी डटे हुए थे। घटनास्थल पर आसपास के ग्रामों के लोगों की काफी भीड़ लग गई थी जिन्हें हटाने के लिए भी पुलिस को बार-बार मशक्कत करना पड़ी। शव निकाले जाने के बाद कलेक्टर दिनेश जैन ने बताया कि हादसे से सबक लेकर जिले में जहां भी इस तरह के निजी कार्य चल रहे होंगे वहां पर ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा इंजीनियरों से सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद इस तरह के कार्य होने दिए जाएंगे। कलेक्टर ने मृतकों को राहत राशि दिए जाने की बात कही, साथ ही में रेस्क्यू मुख्य भूमिका निभाने वाली एसडीआरएफ अन्य अमले को बेहतर कार्य पर शाबाशी दी।
मोहन बड़ोदिया पुलिस ने बताया कि हादसे में कंकू बाई पति तेज सिंह 30 वर्ष, लीलाबाई पति बलवानसिंह 35 वर्ष, भूरीबाई पति भारत सिंह 24 वर्ष तीनों निवासी ग्राम चक देहरिपाल एवं रामलाल पिता पृथ्वीसिंह सोंधिया 30 वर्ष निवासी ग्राम गोविंदा की मौत हुई है।
शाजापुर में कुआं धंसने से मलबे में दबे चार मजदूरों की मौत
