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कोरोना मरीजों की जानकारी उजागर नहीं की तो विस्फोटक हो जाएगी स्थिति

BySurendra Jain

Jun 2, 2020

खबर पक्की : 2 जून रतलाम, 68 दिन से चल रहा लॉक डाउन समाप्त हो चुका है। बाजारों में भीड़ बढ़ना प्रारंभ हो गई है। जिले में इक्का-दुक्का कोरोना मरीज भी आए दिन मिल ही रहे हैं। और विशेषज्ञों की माने तो नमी वाला मानसूनी मौसम कोरोना के लिए एकदम मुफीद है। प्रधानमंत्री को सौंपी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार देश में कोरोना सामुदायिक संक्रमण का रूप ले चुका है। ऐसे में अब आम आदमी पर खतरा बढ़ता जा रहा है। क्योंकि कोरोना संक्रामक रोग है और मात्र संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बगैर भी हवा में उसके द्वारा छींकने या खांसी से भी हो सकता है उसके द्वारा उपयोग किए गए कपड़े या सतह को छूने से भी हो सकता है ऐसे में भारत में बीमारी और मरीज की पहचान उजागर नहीं करने का नियम कोरोना विस्फोट का बड़ा कारण बन सकता है। कम से कम मरीज का नाम उजागर होने से उसके संपर्क में आए लोग एहतियात के बतौर अपनी जांच करवाने के लिए सावधान तो हो सकते हैं ऐसे में सरकारों को यदि कोरोना को फैलने से रोकना है तो इस नियम को बदला जाना तुरंत जरूरी है नहीं तो भारत में विस्फोटक स्थिति हो जाएगी और जो संभाले नहीं संभलेगी। एक तरफ भारत सरकार डिजिटली आरोग्य सेतु में कोरोना मरीजों के संबंध में पूरी डिटेल दे रही है जिससे उसके संपर्क में आसपास होने पर सेतु के माध्यम से पता चल जाएगा और आपको वह ऐप अलर्ट कर देगा तो फिर आम आदमी को अखबारों के माध्यम से मरीजों की सही जानकारी देने में क्या अड़चन आ रही है सभी राज्य सरकार और भारत सरकार को इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए बाद में स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ जाने के उपरांत कुछ नहीं हो पाएगा।

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