रतलाम। महिलाओं की चोटी काटे जाने की देशभर में हुई वारदातों के बाद से ही हजारों परिवारों में खौफ है। अकेले रतलाम जिले में ही अब तक आधा दर्जन से अधिक वारदात हो चुकी है। लोगों में इन घटनाओं के खौफ के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है। हाल के दिनों में एक मैसेज लगातार वायरल हो रहा है जिसमें बताया जा रहा है कि मैकी नाम का एक कीड़ा महिलाओं की चोटी काट रहा है। यह मैँसेज पूरी तरह गलत है, लोगों को ऐसे झूठे मैसेज फैलाने से बचना चाहिए, ताकि ओर अधिक भ्रम की स्थिति न बने।
सोशल मीडिया पर वायरल जिस मैकी नामक कीड़े की जानकारी और वीडियों वायरल हो रहा है वह बीटल परिवार का है और उड़ने वाला जीव है। वियतनाम में इसकी संख्या सर्वाधिक है। ये कीड़े मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के होते है। मांसाहारी मैकी कीड़े छोटे जीव जंतुओं का शिकार करते है जबकि शाकाहारी मैकी कीड़े सड़ी हुई लकड़ी खाते है। ये कीड़े इंसानी बाल तो कतई नहीं खाते है।
चोटी काटे जाने की घटनाओं के संदर्भ में ही एक ओर मैसेज लगातार वायरल हो रहा है जिसमें बताया जा रहा है कि राजस्थान पुलिस ने किसी गांव से कुछ आरोपियों को पकड़ा है, इन लोगों का समूह घरों में घुसकर महिलाओं की चोटियां तांत्रिक क्रिया के लिए काट रहा है और आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि इनका लक्ष्य पूरा होने के बाद इन्हें गायब होने की शक्ति मिल जाएगी। यह मैसेज भी पूरी तरह से निराधार है। राजस्थान में फिलहाल अधिकृत तौर पर चोटी काटे जाने के मामले में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जो मैसेज व फोटो वायरल किए जा रहे है वे किन्हीं अन्य घटनाओं के है जो इंटरनेट से लिए गए है।
ध्यान रखे लोग- सोशल मीडिया पर लगातार गलत जानकारियां वायरल होने की पूर्व की घटनाओं के कारण कई बार अनजाने में ही लोग अपराध कर बैठे है और अब पछता रहे है। मसलन बच्चा चोरी की अफवाहों के दौरान कई जगहों पर अनजान लोगों के साथ भी मारपीट कर दी गई, ऐसे में हमें जब तक सत्यता का बोध नहीं हो जाए ऐसा कोई काम नहीं करे जिससे कानून व्यवस्था में अड़चने पैदा हो या खुद किसी तरह की परेशानी में फंस जाए।
