रतलाम। महिलाओं की चोटी काटे जाने की शनिवार दोपहर रतलाम में छटीं घटना हो गई है। शनिवार दोपहर सरवन गांव में एक महिला की चोटी काट ली गई। घर में बेहोशी की हालत में मिली इस महिला ने पुलिस को जानकारी दी है कि उसने घर में किसी लाल कपड़ा पहने महिला को देखा था, इसके बाद वह बेहोश हो गई। यह महिला संदिग्ध महिला का हुलिया भी नहीं बता पा रही है।
शनिवार दोपहर करीब 3 बजे लगभग सरवन निवासी शाहिदा बी पति अब्दुल कुरैशी उम्र 26 वर्ष के साथ यह वारदात हुई है। परिवार के लोग उसे बेहोशी की हालत में अस्पाताल लेकर पहुंचे थे जहां करीब 3 घंटे बाद उसे होश आया। शाहिदा बी ने पुलिस और परिवार के लोगों को बताया कि वह अपने आंगन में कपड़े सुखा रही थी। एकाएक उसे ऐसा प्रतीत हुआ कि उसकी सास सलमा पति रफीक ने उसे किचन में आवाज लगाई है। शाहिदा बी किचन की ओर पहुंची तो उसे एक लाल रंग के कपड़े पहने हुए महिला दिखाई दी। इसके बाद वह बेहोश हो गई, बाद में किचन में सास पहुंची तो बहू एक तरफ बेहोश पड़ी थी और उसकी कटी चोटी एक तरफ पड़ी हुई थी। सरवन थाना प्रभारी मदनलाल मीणा के अनुसार इस प्रकरण की विवेचना शुरू कर दी गई है और संदिग्ध महिला की तलाश की जा रही है।
एसपी घोषित कर चुके है 10 हजार का ईनाम
जिले में महिलाओं की चोटी काटे जाने की एक सप्ताह में यह छटी वारदात है। एसपी अमित सिंह महिलाओं की चोटी काटे जाने के मामले में आरोपियों का सुराग देने वालों को 10 हजार रूपए का ईनाम देने की घोषणा कर चुके है। इससे पहले पांच वारदातें सिमलावदा, नयागांव, शिवगढ़, सुजापुर और बिलपांक में महिलाओं के साथ इसी तरह की वारदातें हो चुकी है।
अंधविश्वास को बढ़ावा मिला, शहर में भी घरों पर नीम लगाई
महिलाओं की चोटी काटे जाने के लगातार बढ़े मामलों ने ग्रामीण अंचल ही नहीं शहर में अंधविश्वास को बढ़ावा दे दिया है। शहर में सैकड़ो की संख्या में लोगों ने अपने घरों के बाहर कुमकुम हल्दी के छापे लगाने और नीम की डालियां लटकाने जैसे उपाय किए है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की माने तो इस तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए, पुलिस जल्द ही इन वारदातों का खुलासा कर देगी, लोग धैर्य बनाए रखे।
