खबर पक्की; 23 अप्रैल रतलाम, एक तरफ जहां कोरोना महामारी और लाकडाउन 2 का पूरा देश सामना कर रहा है..वही बांगरोद धमोत्तर रोड पर 1 महीने से सैकड़ों आदिवासी मजदूर संघर्ष मय जीवन बिताने की सूचना पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष डी.पी. धाकड़ वहां पहुंचे और मजदूरों की समस्याएं सुनकर उनका हाल चाल पूछा. जब वहां पहुंचकर मजदूरों से जानकारी प्राप्त की गई तो उन्होंने बताया कि पिछले एक माह से बिना रोजगार और बिना राशन के कठिन एक पूर्ण जीवन यापन कर रहे हैं अभी तक शासन द्वारा उन्हें किसी प्रकार का कोई भी राशन प्रदान किया गया है एवं वह लाचार होकर घर जाना चाहते हैं लेकिन अपने निवास तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं.. बांगरोद क्षेत्र में लगभग 600 आदिवासी मजूरो सहित 200 परिवार लाकडाउन के कारण.. संघर्ष मय जीवन यापन करने को मजबूर हैं
छावनी निवासी मोहन बद्री एवं जीवन झोडिया ने बताया कि अभी तक हमें शासन द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी सहायता एवं राशन नहीं प्राप्त हुआ है हम भूखे मरने को मजबूर हो रहे हैं हमारे परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है घर जाना चाहते हैं लेकिन 1 महीने से हमारी कोई नहीं सुन रहा है.. जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ ने सभी मजदूरों को तुरंत शासकीय सहायता प्रदान करवाने
का आश्वासन दिया एवं संबंधित अधिकारियों को दूरभाष पर जानकारी प्रदान कर तुरंत राशन प्रदान करने का आदेश दिया..
बांगरोद में बड़ी तादाद में आदिवासी मजदूरों का डेरा डीपी धाकड़ ने पहुंचकर हालचाल जाना
