रतलाम। उत्तरप्रदेश और पंजाब में महिलाओं की चोटी काटने वाली घटनाओं के बाद रतलाम जिले में भी पहली बार ऐसा ही मामला सामने आया है। शहर से 25 किलोमीटर दूर सिमलावदा गांव में सोमवार रात करीब 10 बजे एक महिला की चोटी कट गई। यह महिला घर में बेहोशी की हालत में मिली। पुलिस ने इस प्रकरण में जांच शुरू कर दी है।
वाकया, सिमलावदा में रहने वाली महिला सीमा चौपड़ा के साथ हुआ है। घटना के वक्त वे घर में ही मौजूद थी। परिवार के लोगों बेहोशी की हालत में घर में गिरी महिला सीमा के पास पहुंचे तब पता चला कि उसकी चोटी काट ली गई है। सीमा के पति सुनील चौपड़ा ग्राम रक्षा समिति के सदस्य है। उन्होंने तत्काल ही सातरूंडा चौकीप्रभारी रूपसिंह शक्तावत को वारदात की सूचना दी। इस वारदात के बाद से ही सिमलावदा सहित आसपास के गांवो में भी दहशत का माहौल है और महिलाएं खासी डरी हुई है।
मनोवैज्ञानिक हो सकता है कारण
देश में जहां कहीं भी महिलाओं की चोटी काटने की घटनाएं हुई है वहां शिकार महिलाएं न तो चोटी काटने वाले का हुलिया बता सकी है ओर न ही आरोपियों का कोई सुराग मिल सका है। घटनाओं के तरीकों को देखकर साफ प्रतीत होता है कि ये मनोवैज्ञानिक कारणों से हो रही घटनाएं है और अफवाहों के कारण इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बहरहाल देश के कई इलाकों में अंधविश्वास के चलते लोग अपने घरों के बाहर कुमकुम हल्दी के छापे लगाना, महिलाओं का जूढा़ बंधाने जैसे तरीके आजमा रहे है।
