कोरोना पर खरी खरी
खबर पक्की: 23 मार्च रतलाम, अभी तक दुनिया के 180 देश कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। चीन और अमेरिका जैसे दुनिया के चौधरियों की सारी हेकड़ी काफूर हो गई है। संपन्न और समृद्ध पूरा यूरोप इससे जूझ रहा है। लेकिन लगता है हिंदुस्तानी अभी भी बहुत ही गाफिल है। लॉक डाउन के बावजूद जिस तरह लोग सरकार के निर्देशों का मखौल उड़ाते हुए बगैर सतर्कता के भीड़ बढ़ा रहे हैं लॉक डाउन वाले क्षेत्रों में बजाएं घर में रहना के एक दूसरे के यहां जाकर झुंड में बैठकर बतिया रहे हैं खरीदारी करते वक्त एक दूसरे को छू रहे हैं और तो और थाली और ताली बजाने के मोदी जी के आह्वान पर लोग मोहल्ले में इकट्ठा होकर जिस प्रकार झुंड में ताली और थाली बजा रहे थे उससे लोगों की मुफलिसी मानसिकता प्रदर्शित हो रही थी की इतने महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दे पर भी हम किस प्रकार लापरवाह और काहिल बने हुवे है। आज जब पूरी मानवता कोरोना रूपी यमराज से थर्राई हुई है उसके बावजूद हम जिस प्रकार इस यमराज को दावत दे रहे हैं यह प्रदर्शित करता है कि हम बगैर डंडे के डिसिप्लिन में नहीं आ सकते। दोस्तों कोरोना रूपी कुदरत के कहर ने जब दुनिया के ताकतवर देशों को घुटने पर ला दिया है। तो हम हैं किस खेत की मूली। आज जब सैकड़ों साल पुरानी परंपराओं को खूंटी पर टांग कर देश के प्रख्यात तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, श्रीनाथजी मंदिर, शिर्डी साईं बाबा जैसे अनेक मंदिरो के पट बंद कर दिये गये है भारत जैसे धर्मान्ध देश में इस तरह मंदिर के पट बंद होने से आप स्थिति की भयावहता और गंभीरता को समझ सकते हैं, क्योंकि कोरोना अमीर गरीब नहीं देखता अनपढ़ या पढ़ा लिखा नहीं देखता, दलित स्वर्ण नहीं देखता, हिंदू मुस्लिम नहीं देखता कांग्रेसी भाजपाई नहीं देखता वह सिर्फ जिंदा जिस्म देखता हैअब भी अगर अपन नहीं सुधरे तो कोई भगवान कोई अल्लाह कोई वाहेगुरु कोई यीशु आपको बचा नहीं सकता आपको खुद अपने आप को बचाना है तभी आप अपने परिवार को समाज को देश को बचा सकते हैं और इसका एक ही उपाय है कि सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन करें अपनी सारी पहलवानी सारी अमीरी सारा रुतबा अपने दिमाग से दूर कर ले भगवान राम तो 14 साल के लिए वनवास गए थे तो क्या हम देश के लिए 14 दिन अज्ञातवास में नहीं जा सकते यह हमें करना ही होगा नहीं तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेगी यह शेर शायद इसी वक़्त के लिए बना है। लम्हों ने खता की थी सदियों ने सजा पाई है। सभी धर्मगुरुओं से भी निवेदन है कि चाहे वह किसी भी धर्म जाति समुदाय संप्रदाय से हो सभी धार्मिक कार्य अनुष्ठान मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा चर्च मैं प्रवेश वर्जित कर भीड़ को इकट्ठा ना होने दें मानवता बचेगी तो ही आपका विश्वास बचेगा और धर्म भी बचेगा अब भी ना संभले तो तो मिट जाओगे औ हिंदुस्ता वालो, दास्तां तक ना होगी दास्तानों में।
भगवान राम 14 साल के लिए वनवास जा सकते है तो क्या हम देश के लिए 14 दिन एकांत में नहीं जा सकते।
