फीरोजाबाद। बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ और बांग्लादेशी सीमारक्षकों के बीच फ्लैग मीटिंग के दौरान बांग्लादेशी जवानों की तरफ से हुई फायरिंग में बीएसएफ जवान की मौत को लेकर चर्चा गर्म है। हालांकि, कहा जा रहा है कि बाग्लादेशी जवानों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी लेकिन इस पूरी घटना में एक परिवार ने अपना लाल खो दिया है तो वहीं करवा चौथ के दिन एक सुहागन का सुहाग उजड़ गया है। फायरिंग में शहीद हुए जवान विजयभान यादव उत्तर प्रदेश के फीरोजाबाद स्थित मक्खनपुर क्षेत्र के चमरौली गांव के रहने वाले थे।
गुरुवार को सुबह गांव में करवा चौथ की वजह से त्योहार का माहौल था। बांग्लादेश बार्डर पर तैनात बीएसएफ जवान विजयभान यादव की पत्नी सुनीता देवी ने करवाचौथ का व्रत रखा था। सुबह पांच बजे विजयभान से फोन पर बात भी की थी लेकिन रात का चांद देख पति की लंबी उम्र की दुआ मांगती उससे पहले ही सुनीता देवी को उनके पति की शहादत की खबर मिल गई। चौथ का चांद आसमान में निकलता उससे पहले ही इस सुहागन का चांद हमेशा के लिए छिप गया।
फायरिंग में शहीद हुए विजयभान सिंह यादव ने 1990 में सीमा सुरक्षा बल ज्वाइन किया था। उनकी तैनाती पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बांग्लादेश बार्डर पर थी। गुरुवार दोपहर फ्लैग मीटिंग के लिए गए लेकिन 12 बजे सेना ने विजयभान के शहीद होने की सूचना दी। उनके साथ गए और और जवान के हाथ में गोली लगी है और उसका अस्पताल में इलजा जारी है।
सूचन देने वाले कमांडेंट ने बताया कि विजयभान को सिर में गोली लगी थी। विजयभान सिंह एक माह पहले छुट्टियां बिताकर लौटे थे। विजयभान के चाचा महेंद्र सिह कुमायूं रेजीमेंट में कैप्टन रह चुके हैं। बड़े भाई सत्यभान सिह भी फौज से रिटायर्ड हैं। बड़े बेटे विवेक यादव एयरफोर्स में हैं। छोटा बेटा सुमित फौज में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा है।
बाग्लादेश सीमा पर जवान शहीद, करवा चौथ पर जिसकी मांगी थी लंबी उम्र वहीं छोड़ गया अकेल
