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मध्यप्रदेश में नई शराब नीति हुई लागू, 2 हेक्टेयर से कम जमीन पर बन सकेंगी कॉलोनियां

BySurendra Jain

Oct 5, 2019

भोपाल। मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में शनिवार को कई अहम प्रस्ताव पर मंजूरी दी गई। इसमें प्रदेश में नई शराब नीति लागू करने पर भी फैसला हुआ। जिसमें बार लाइसेंस के लिए 5 लाख की बाध्यता को खत्म किया गया है। पर्यटन क्षेत्र के लिए अलग से प्रोत्साहन नीति लागू की गई है। इसमें होटल, रिसोर्ट और हेरिटेज होटल की स्थापना के लिए देश और विदेश के ब्रांड को आकर्षित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। शहरों में बनने वाली कॉलोनी के लिए 2 हेक्टेयर जमीन की बाध्यता खत्म कर दी गई है। विधवा पेंशन का भुगतान दीपावली से पहले किया जाएगा। जबलपुर एयरपोर्ट को जमीन देने का फैसला किया गया। मुंबई के मध्य लोक भवन को पर्यटन विभाग को सौपने के निर्देश दिए गए हैं। वन्य क्षेत्रों के पास कम कमरे के रिसोर्ट को भी मिलेगा बार दिया जाएगा। अभी रिसोर्ट बार लाइसेंस के लिए 25 कमरों की शर्त है, इसे कम किया जा गया है।
मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई नीति को बड़ा कदम बताया जा रहा है। इसमें होटल, रिसोर्ट और हेरिटेज होटल की स्थापना के लिए नामी-गिरामी ब्रांड को आकर्षित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आईटीसी कंपनी प्रदेश में होटल के क्षेत्र में निवेश को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ बैठक कर चुकी है।
वहीं, नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे सुविधा केंद्रों की स्थापना और संचालन के नियमों में भी बदलाव करके निजी क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के शहरों में कॉलोनिया बनाने के लिए दो हेक्टेयर की जमीन की बाध्यता खत्म होने से रियल स्टेट के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। कम जमीन होने पर भी हाउसिंग कॉलोनी विकसित की जा सकेगी। जबलपुर एयरपोर्ट को जमीन मिलने से इसका विस्तार किया जा सकेगा।

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