मुंबई। मुंबई की आरे कॉलोनी के जंगल में लगे 2700 पेड़ों को हटाने को लेकर शुक्रवार रात बड़ी संख्या में पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। बढ़ते विरोध के बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। आज भी इसे लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी है। इस बीच पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की जानकारी सामने आ रही है। पेड़ों की कटाई के विरोध में शिवसेना भी आ गई है। शिवसेना की उपनेता प्रियंका चतुर्वेदी को भी पुलिस ने प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार कर लिया गया है। हालात नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने इलाके में धारा 144 भी लागू कर दी है।
आरे के जंगलों को काटने से रोकने के लिए लगी सभी याचिकाओं को बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया था। इसके बाद BMC द्वारा इन पेड़ों को काटने का रास्ता साफ हो गया है।
BMC द्वारा मुंबई के आरे जंगल में मेट्रो कार शेड बनाने के लिए 2700 से ज्यादा पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई थी। जिसका पर्यावरण कार्यकर्ता शुरू से विरोध कर रहे थे। इसके विरोध में एनजीओ वनाशक्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद BMC के पास पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में पेड़ काटे जाने के विरोध में शुक्रवार रात को भी बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर पेड़ काटने के निर्णय का विरोध करते नजर आए थे। कार्यकर्ताओं के मुताबिक रात में ही कुछ लोगों ने आरे के जंगलों में घुसकर पेड़ों को काटने की कोशिश भी की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। कार्यकर्ताओं की माने तो वहीं पेड़ो को गिराने के लिए बुलडोजर को देखते हुए कई लोग उसके सामने भी लेट गए थे। बाद में पुलिस ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि आरे कॉलोनी गोरेगांव मुंबई का मुख्य हरित इलाका है। इसका इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेट्रो कार शेड बनाने के लिए यहां लगे 2700 पेड़ों को काटने की जरुरत पड़ेगी।
फिल्मी हस्तियां भी कर चुकी हैं विरोध
आरे के जंगलों को काटने के BMC के आदेश का बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियां भी विरोध कर चुकी हैं। इसमें गायिका लता मंगेशकर और अभिनेत्री श्रध्दा कपूर भी शामिल हैं।
एक तरफ जहां पर्यावरण को बचाने के लिए देशभर में मुहिम चलाई जा रही है। वहीं मेट्रो कार शेड बनाने के लिए 2700 से ज्यादा हरे भरे पेड़ों की बलि देने का फैसला चौंकाने वाला है।
