खबर पक्की: 30 सितंबर नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने 2002 गुजरात दंगों में दुष्कर्म पीड़िता बिलकिस बानो की याचिका पर गुजरात सरकार के उसे मुआवजा, नौकरी और घर देने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को दो हफ्ते के भीतर 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी और आवास देने के आदेश दिए हैं। बिलकिस बानो की ओर से कहा गया है कि अभी तक सरकार ने कुछ नहीं दिया है। बता दें, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को बानो को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया था। गुजरात सरकार से कहा था कि वह नियमों के मुताबिक बिलकिस बानो को एक सरकारी नौकरी और आवास भी मुहैया कराए।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल अप्रैल महीने में गुजरात सरकार को दंगा मामले की पीड़िता बिलकिस बानो को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए थे।सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी और आवास देने को भी कहा था। गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि दोषी अधिकारियों, जिन्होंने बिलकिस गैंगरेप मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की, उनमें से कई को पूरे पेंशन लाभ से हटा दिया गया। एक IPS अधिकारी को दो रैंकों में डिमोट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस वालों पर कार्रवाई पर मुहर लगा दी थी।
सुप्रीम कोर्ट का गुजरात सरकार को निर्देश: गुजरात दंगों की पीड़िता बिलकिस बानो को दो हफ्ते में दें 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी और घर
