खबर पक्की: 26 सितंबर रतलाम, 14 वर्ष की छात्रा के साथ गैंगरेप जैसे गंभीर अपराध के बावजूद रतलाम पुलिस द्वारा कोर्ट में अपराधियों का रिमांड नहीं मांगने पर बदरंग चेहरा सामने आया। छोटे-छोटे अपराध में चार चार दिन की रिमांड मांगने वाली रतलाम पुलिस द्वारा इतने गंभीर मामले में कोर्ट से रिमांड की मांग नहीं करने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे प्रकरण से छन छन कर जो खबरें आ रही थी कि पुलिस दबाव में है वह सही साबित हो रही है पुलिस के इस गैर जिम्मेदाराना रवैए के खिलाफ रतलाम अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दशरथ पाटीदार अभिभाषक अमित पांचाल प्रीती सोलंकी सहित बड़ी तादाद में अभिभाषक कोर्ट चेंबर में ही धरने पर बैठ गए रतलाम जिले के इतिहास में पहली बार कोर्ट खत्म होने के बाद खबर लिखे जाने तक 8:30 बजे तक वकील लोग धरने पर बैठे हुए हैं धरने की खबर सुनकर पुलिस के और प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए हैं और वापस पुलिस रिमांड मांगने के लिए लीपापोती की जा रही है सूत्रों ने बताया कि पुलिस रिमांड मांगने के लिए जब जज के घर पर पहुंची तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि अब पूरे मामले को दोबारा कोर्ट में ही सुना जाएगा अगर इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप बंद नहीं हुआ और आग ज्यादा फैली तो कमलनाथ की लंगड़ी सरकार को गिरते देर नहीं लगेगी कमलनाथ सरकार को इस पूरे प्रकरण पर गंभीरता से ध्यान देकर कठोर कार्रवाई करना चाहिए नहीं तो एक नाबालिग लड़की और उसके परिवार की हाय और रतलामी लोगों का जुनून इस सरकार की ताबूत में कील साबित होगा।
