खबर पक्की: 26 सितंबर, रतलाम में निजी स्कूल की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले पर आज पूरा रतलाम शहर उबलता रहा । आज सुबह इसके विरोध में शहर के लोग सड़कों पर उतरे और महल वाडा से पैलेस रोड़ डालू मोती बाजार नगर निगम होते हुए कान्वेंट स्कूल पहुंचे रैली में 15000 से ज्यादा लोग शामिल थे और आरोपितों को फांसी देने की मांग कर रहे थे। सड़कों पर उतरे लोग अपने हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे थे, जिस पर लिखा था दुष्कर्मियों को फांसी दो, लव-जेहाद को रोको। इसके पहले सुबह एबीवीपी द्वारा रैली निकालकर शहर के स्कूल कॉलेजों को बंद कराया गया। गुस्साए लोगों ने उस स्कूल के बाहर भी प्रदर्शन किया। जहां वो लड़की और आरोपित लड़के पढ़ते हैं।
एहतियातन इस स्कूल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया,भारी पुलिस बल के बावजूद, रैली में शामिल उपद्रवी तत्वों ने सेंट जोसफ स्कूल पर पथराव कर दिया और जमकर पत्थरबाजी की इस पत्थरबाजी में रैली में आए कई लोगों के सिर पर पत्थर गिरे। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और गुस्साए लोगों पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया । पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वो अफसरों से भिड़ गए। मामला बिगड़ते देख एसपी गौरव तिवारी ने भी मोर्चा संभाला और सेंट जोसेफ स्कूल के बाहर पत्थरबाजी कर रहे लोगों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चल रही रैली की खबरों के बावजूद पुलिस और प्रशासन मामले की गंभीरता को समझने में नाकाम रहा अन्यथा इसके बेहतर प्रबंध किए जा सकते थे फेसबुक और व्हाट्सएप पर सभ्यता और संस्कारों का शोर मचाने वाले लोग जिस तरह इस गंभीर मुद्दे पर हल्ला गुल्ला शोरगुल कर स्कूल पर पत्थर बरसाने लगे और वही पत्थर जब लोगों के सिर पर गिरने लगे और पुलिस के जवानों के सिर पर भी टकराए तब कहीं जाकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और भीड़ को तितर-बितर किया इस पूरे मामले में स्कूल का कहीं इंवॉल्वमेंट नहीं होने के बावजूद जिस तरह स्कूल को निशाना बनाया जा रहा था उससे ऐसा लग रहा था कि लोग यहां रेपिस्ट के विरोध में नहीं बल्कि स्कूल के विरोध में आए हैं जो रतलाम शहर की साफ-सुथरी छवि के लिए एक धब्बा है। इस पूरे मामले को लेकर रतलाम के मुस्लिम समाज में नेतृत्व का अभाव लगा अन्यथा होना यह चाहिए था कि खुद आगे आकर ताकत के साथ अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन से मांग करना चाहिए थी और अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपनी दृढ़ मानसिकता को प्रदर्शित करना चाहिए था लेकिन उसने वह सुनहरा मौका खो दिया खैर पुलिस और प्रशासन के पास अभी भी यह मौका है कि इस मामले को गंभीरता से लेकर अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर जनता में संदेश दे कि वह ऐसे अपराधों के लिए किसी प्रकार के दबाव में नहीं आने वाली है और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाएगी।
अब तक इस मामले में ये हुआ
साढ़े 14 साल की छात्रा को ब्लैकमेल कर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में दो छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें से एक पीड़िता की कक्षा का ही छात्र है, जबकि दूसरा अन्य स्कूल का छात्र है। दोनों की उम्र 15 से 16 वर्ष बताई जा रही है। घटना के विरोध में ABVP ने बुधवार को चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था और छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
पीड़ित छात्रा ने पुलिस रिपोर्ट में कहा है कि वह एक छात्र को जानती है, वह उसकी कक्षा में ही पढ़ता है। करीब एक महीने पहले उसने अपने मोबाइल में मेरा फोटो दिखाकर धमकाया था कि उसकी बात नहीं मानी तो फोटो वायरल कर देगा। बाद में दबाव बनाया और रुपए की मांग की। बाद में कई बार दुष्कर्म किया। डर की वजह से घर में किसी को नहीं बता सकी। तबीयत खराब होने लगी तो मां ने राजस्थान के एक अस्पताल में दिखाया। वहां से लौटी तो आरोपित छात्र ने फिर धमकी देकर होटल में बुलाया। डर कर होटल पहुंची तो फिर दुष्कर्म किया। गत दिवस फिर फोन कर बुलाया तो हिम्मत कर मां को पूरी घटना बताई। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को ही दोनों छात्रों पर केस दर्ज कर लिया था।
