रतलाम। जिले में अतिवृष्टि के चलते प्रशासन अलर्ट पर है। हालात पर 24 घंटे प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस, होमगार्ड्स, नगरीय तथा ग्रामीण निकायों के अमले को चौकन्ना रहने के लिए सख्ती से निर्देशित किया है।
अतिवृष्टि से प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणजनों को भरोसा दिलाया है कि जिला प्रशासन उनके साथ है और उनकी सहायता के लिए मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। घबराएं नहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाकर चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
कलेक्टर ने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों को वर्षा के दौरान सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा है कि सभी अलर्ट पर रहें और अतिवर्षा की स्थिति में कहीं भी जान-माल की हानि नहीं हो। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निरंतर निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मैदानी अमले को 24 घंटे रात्रि एवं प्रात:कालीन गश्त करते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिये आदेशित किया है। उन्होंने नगर पालिकाओं, पुलिस, होम गार्ड तथा विद्युत विभाग, लोक निर्माण तथा पीएचई विभाग के अधिकारियों को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम सैलाना श्रीमती कामिनी ठाकुर ने बताया कि अनुभाग क्षेत्र के कलवानिया तथा गराड के तालाबों का वेस्टवियर चौडा किया गया है ताकि पानी का सही निकास हो सके। लूनी के तालाब पर भी सतर्कता बरती गई है। सभी तालाबों का निरीक्षण किया जाकर सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं कोई हानि नहीं हो।
आलोट एसडीएम चन्द्रसिंह सोलंकी ने बताया कि अनुभाग के बघुनिया, खेडी, पिपलिया सिसौदिया आदि तालाबों से पानी की उचित निकासी हेतु वेस्टवियर को चौडा किया गया है। इसी प्रकार की कार्रवाई जावरा तथा रतलाम ग्रामीण अनुभाग में भी की गई है।
16 सितम्बर को स्कूलो, आंगनवाडियों में अवकाश रहेगा
जिले में जारी अतिवृष्टी के कारण 16 सितम्बर सोमवार को भी सभी शासकीय तथा अशासकीय स्कूलों तथा आंगनवाडियों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया कि जिले में कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा 12 वीं तक (सीबीएसई सहित) कक्षाओं में अध्यापन नहीं होगा। इसके साथ ही आंगनवाडियों में भी बच्चे नहीं आएंगे परन्तु स्कूली स्टाफ तथा आंगनवाडी कार्यकर्ता तथा सहायिकाओं के लिए अवकाश नहीं रहेगा।
भ्रामक खबरें नहीं जारी की जाएं, अन्यथा कार्रवाई
रतलाम। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कहा है कि सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से अतिवृष्टि से संबंधित भ्रामक खबरें नहीं जारी की जाए अन्यथा संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा है कि खासतौर पर सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप पर कतिपय व्यक्तियों द्वारा तालाबों के टूटने एवं जल भराव से संबंधित भ्रामक खबरें भी देखने में आ रही हैं जो कि आमजन में भ्रम पैदा करती हैं। ऐसी खबरों से सावधान रहा जाए। जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया जैसे माध्यम पर खबर जारी करें वे अधिकारिक रूप से तथ्यपरक हो, खबर जारी करने से पूर्व उसकी पुष्टि संबंधित विभागीय अधिकारी से कर ली जाए।
जिले की वार्षिक औसत वर्षा साढ़े 36 इंच
इस वर्ष अब तक दर्ज की जा चुकी है 61 इंच
रतलाम। जारी मानसून सत्र में जिले में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 31 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। रतलाम जिले की वार्षिक औसत साढ़े 36 इंच है लेकिन 15 सितम्बर की सुबह 8:00 बजे तक जिले में लगभग 1534.1 मिलीमीटर (61 इंच से अधिक) वर्षा औसत रूप से दर्ज की जा चुकी है। गत वर्ष इसी अवधि तक 756.8 मिलीमीटर (लगभग 30 इंच) वर्षा दर्ज की गई थी।
15 सितम्बर की सुबह 8 बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान आलोट में 151 मिलीमीटर, जावरा में 34 मिलीमीटर, ताल में 137 मिलीमीटर, पिपलौदा में 46 मिलीमीटर, बाजना में 55 मिलीमीटर, रतलाम में 5 मिलीमीटर, रावटी में 26 तथा सैलाना में 38 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
रुपनियाखाल तालाब की मरम्मत का काम पूर्ण
रतलाम। अतिवृष्टी के कारण जिले के विकासखण्ड जावरा के रुपनियाखाल तालाब की पाल की मिट्टी 8 मीटर लम्बाई एवं 5 मीटर चौड़ाई में तथा एक फुट की गहराई में खिसक जाने से डाउनस्ट्रीम के ग्राम रणायरा के ग्रामीणों के मन में उत्पन्न चिन्ता अब दूर कर दी गई है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अमले ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन एवं ट्रेक्टर लगाकर तालाब की पाल का मरम्मत कार्य पूर्ण कर दिया है। तालाब पूर्णत: सुरक्षित है, ग्रामीणों के डर को समाप्त कर दिया गया है। मरम्मत कार्य के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप केरकट्टा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, तहसीलदार, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन मालवीय द्वारा निरीक्षण किया गया। मौके पर एसडीआरएफ़ टीम भी बचाव हेतु मौजूद है।
बिजली के खंभों को स्पर्श नहीं करें, पशुओं को बिजली खंभों से नहीं बांधे
विद्युत वितरण कंपनी ने आमजनों से की अपील
रतलाम। विद्युत वितरण कंपनी जिला रतलाम द्वारा आमजनों से अपील की गई है कि अत्यधिक वर्षा के कारण खेत, नाले सभी पानी से भर गए हैं। इनके आसपास ही बिजली तंत्र फैला हुआ है। अत: आमजन बिजली के खंभों को स्पर्श नहीं करें, दूरी बनाए रखें। अपने पशुओं को बिजली के खंभे अथवा उसके पास नहीं बांधे। जहां तक संभव हो बिजली तंत्र की किसी भी चीज जैसे एलटी केबल, तार, अर्थिंग वायर, ट्रांसफार्मर इत्यादि को हाथ नहीं लगाएं। अगर गांव के आसपास बारिश के कारण पेड़ कहीं छुप गए हो या खंभे झुक गए हो जिसके कारण तार ज्यादा नीचे आ गए हो या किसी खंभे या केवल में स्पार्किंग हो रही हो तो उसकी सूचना अपने लाइनमेन को देवें, स्वयं हाथ नहीं लगाएं। सावधानी बरते सुरक्षित रहें।
एहतियात बतौर 6 गांवों में विद्युत आपूर्ति बंद
विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री ललित कुमार सोनेजी ने बताया कि रतलाम जिले में विद्युत आपूर्ति नियंत्रित है। अत्याधिक वर्षा के कारण कम्पनी के जावरा संभाग के प्रभावित 6 गांवों असावती, कुमारी, मरमिया, बोरवानी, बरखा तथा रणायरा में बतौर एहतियात विद्युत आपूर्ति बंद रखी गई है ताकि कोई जनहानि नही हो।
अतिवृष्टि के चलते प्रशासन अलर्ट, हालात पर 24 घंटे रखी जा रही है नजर, 16 सितम्बर को स्कूलो, आंगनवाडियों में अवकाश रहेगा
