धर्म डेस्क। दीपक, तेल-बाती और आग का संगम, प्रकाश का प्रतीक लेकिन क्या आपने कभी पानी से दीपक जलते देखा है। सुना जरूर होगा, सांई की कहानी में। यदि आंखो से इस अचरज को देखना चाहते है तो हम आपको मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के ही एक चमत्कारी मंदिर की जानकारी दे रहे है। जी, हां इस मंदिर में वर्ष के 8 महीने दीपक में तेल नहीं बल्कि पानी का उपयोग होता है।
यह चमत्कारी मंदिर आगर जिले की नलखेड़ा तहसील मुख्यालय से 13 किलोमीटर की दूरी पर कालीसिंध नदी के किनारे पर है। नाम है-गढ़ियाघाट वाली माता जी का मंदिर। माता के इस मंदिर में पहले ज्योत जलाने में तेल का ही इस्तेमाल होता था। लगभग 5 साल पहले, मंदिर के पुजारी ने लोगो को बताया- मुझे मां ने सपना दिया था, कहा-आगे से दीपक में तेल के बजाए कालीसिंध का पानी डालो, ज्योत जलती रहेगी। शुरूआत में लोगों ने इस पर विश्वास नहीं किया लेकिन जब खुद प्रेक्टिकल किया तो यकीन करना ही पड़ा। गांव के लोगों ने अपने हाथ से कालीसिंध नदी से जल का लौटा भरा, ज्योत में डाला और ज्योत जलाई तो अचरज होना स्वाभाविक था। वर्षाकाल में यह मंदिर नदी के पानी की डूब में रहता है। अब यहां हर साल शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से वर्षाकाल शुरू होने तक सतत पानी की ज्योत जलती रहती है।
