नई दिल्ली। संसद में इन दिनों कईं महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा के बाद लोकसभा में उन्हें पास किया गया है। इसी कड़ी में आज सदन में तत्काल तीन तलाक विधेयक चर्चा के लिए पेश किया गया है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह बिल सदन के समक्ष पेश किया है।
हालांकि, कांग्रेस समेत कईं विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस बहाने सरकार ट्रंप के बयान से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा को देखते हुए भाजपा ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में मौजूद रहने के लिए कहा है।
बिल सदन में रखते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद 24 जुलाई 2019 तक तीन तलाक के 345 केस सामने आए हैं। मैं अपील करता हूं कि यह मुद्दा धर्म, सियासत, पूजा का नहीं बल्कि नारी सम्मान का है। हमने उन तीन आपत्तियों को इस बिल में एड्रेस किया है जिन्हें लेकर सदन में विपक्ष ने मांग उठाई थी।
इसके बाद अब केस तब होगा जब पीड़िता का परिजन, खुद पीड़िता या कोई करीबी रिश्तेदार केस दायर करेगा। साथ ही मजिस्ट्रेट के माध्यम से बेल मिल सकेगी लेकिन पीड़िता का पक्ष सुनने के बाद
बता दें कि मोदी सरकार लगातार इस बिल को पास करवाने की कोशिश में है लेकिन विपक्ष इसका विरोध करता आ रहा है। मई में अपना दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद के इस सत्र में सबसे पहले इस विधेयक का मसौदा पेश किया था।
कई विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया है लेकिन सरकार का यह कहना है कि यह विधेयक लैंगिक समानता और न्याय की दिशा में एक कदम है। विपक्ष ने तत्काल तीन तलाक समेत सात विधेयकों पर सरकार को रोकने की रणनीति बनाई है। विधेयक में तत्काल तीन तलाक को अपराध करार दिया गया है और साथ ही दोषी को जेल की सजा सुनाए जाने का भी प्रावधान किया गया है।
विपक्ष ने अहम विधेयकों को विधायी कसौटी पर परखे बिना धुंआधार गति से पारित कराने को लेकर सरकार को आगाह किया है। संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष की घेरेबंदी के लिए हुई विपक्षी दलों की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि मनमाने तरीके से विधेयकों को पारित कराने के सरकार के प्रयासों का जोरदार विरोध किया जाएगा।
विपक्ष ने इसी रणनीति के तहत सूचना का अधिकार कानून संशोधन विधेयक समेत सात विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने के अपने इरादों की सूची बुधवार को सरकार को थमा दी। सरकार को विपक्ष ने मुस्लिम महिलाओं से जुड़े तीन तलाक विधेयक पारित कराने में भी जल्दबाजी नहीं करने की सलाह दी है।
लोकसभा में पेश हुआ तत्काल तीन तलाक बिल, विपक्ष ने किया विरोध
