नरसिंहपुर। स्टेशनगंज थाने से चंद कदम दूर जिला जेल के सामने स्थित मैदान में अपने परिजनों के साथ सो रही 5 वर्षीय बालिका को अगवा कर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता खून से लथपथ हालत में मंगलवार की सुबह अंडर ब्रिज के पास एक पेड़ के नीचे मिली, जिसे एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे जबलपुर रेफर कर दिया है। पूरे घटनाक्रम में स्टेशनगंज पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है कि सोमवार की रात जब बालिका गायब हुई तो परिजन थाने में शिकायत सुनाने पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इस लापरवाही पर पुलिस अधीक्षक ने थाने के एक प्रधान आरक्षक शम्मीलाल गौंड़ को सस्पेंड कर दिया है।
जिला जेल के सामने मैदान में डेरा लगाकर भिक्षावृत्ति करने वाले कुछ परिवार रहते हैं। जिनमें से एक परिवार की 5 वर्षीय बालिका सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे अचानक गायब हो गई। परिजनों ने जब अपने पास सोई बालिका को नदारद पाया तो आस-पास उसकी खोजबीन करने के बाद स्टेशनगंज थाना जाकर सूचना दी। लेकिन रात में वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने बालिका के परिजनों की बात को गंभीरता से नहीं लिया। सुबह जब पेड़ के नीचे बालिका गंभीर हालत में देखी गई तो किसी ने एंबुलेंस को सूचना दी।
बताया जाता है कि मौके पर एंबुलेंस पहुंचने के बाद भी थाने से चंद कदम दूर घटनास्थल की जानकारी से पुलिस अनभिज्ञ रही। बाद में जब बालिका को लिए एंबुलेंस थाने तक पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी देकर जिला अस्पताल तरफ दौड़ी तो पुलिस की नींद खुली और कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों तक सूचना भेजी। पीड़िता के जिला अस्पताल पहुंचने पर पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने अस्पताल जाकर पीड़िता की हालत देखी और घटनास्थल की जांच शुरू की। मामले में अब तक यह खुलासा नहीं हो सका है कि आरोपित कौन हैं।
प्रधान आरक्षक निलंबित
अभी मैं उसी मामले की जांच में लगा हूं, पुलिस की लापरवाही सामने आने पर प्रधान आरक्षक शम्मीलाल गौंड़ को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। घटनास्थल की जांच हो रही है। – डॉ. गुरकरन सिंह, पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर
नरसिंहपुर में 5 साल की मासूम से दुष्कर्म की वारदात
