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कमलनाथ सरकार प्रदेश को पुन: बीमारू राज्य बनाने पर आमादा : काश्यप, प्रदेश सरकार ने जनता के साथ किया धोखा

BySurendra Jain

Jun 18, 2019

रतलाम। भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया था। लेकिन मात्र 6 माह के कुशासन में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने प्रदेश को फिर बीमारु राज्य की ओर धकेल दिया है।
उक्त बात रतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने प्रेस से चर्चा के दौरान कही। श्री काश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लुभावने वादों से भ्रमित होकर प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में इतनी सीटें दी थी, कि कांग्रेस जोड़-तोड़ के सहारे सत्ता पर काबिज हो गई। लेकिन मात्र 6 महीने में कांग्रेस की धोखाधड़ी सामने आ गई है और आज प्रदेश की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
किसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़
श्री काश्यप ने आरोप लगाया कि किसानों को 2 लाख रुपए के कर्ज माफी का लालच देकर कमलनाथ सरकार गिने-चुने किसानों के मात्र 5 हजार, 10 हजार और 15 हजार तक के कर्ज माफ कर खुद की पीठ थपथपाने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि से लगभग 80 हजार किसान लाभान्वित हो सकते थे, किन्तु प्रदेश सरकार ने मात्र 43 हजार किसानों की सूची ही केन्द्र सरकार को भेजकर शेष 37 हजार किसानों के साथ भेदभाव करने का काम किया है। कांग्रेस सरकार के इस किसान विरोधी रवैये के चलते 50 प्रतिशत किसान केन्द्र की योजना से वंचित रह जाएंगे। यही कारण है कि आज प्रदेश के किसान आत्महत्या को मजबूर है।
कमलनाथ सरकार की लापरवाही से वैध कॉलोनियां हुई पुन: अवैध
श्री काश्यप ने कहा कि प्रदेश में अवैध कॉलोनियों में रह रहे लाखों लोगों की सरकार को चिंता नहीं है। वर्ष 2002 में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने इस संबंध में कानून बनाया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया। बाद में भाजपा सरकार ने चार बार संशोधन किए और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में अवैध कॉलोनियों को वैध करने का कारगर कदम उठाया गया था। न्यायालय में मामला जाने पर कांग्रेस की वर्तमान सरकार को इस मामले में सही पक्ष रखना था। लेकिन पूर्व की तरह उसने लापरवाही बरती जिससे जनता के प्रतिकुल फैसला सामने आया। ऐसा लगता है कि अवैध से वैध की गई कॉलोनियों का मामला कांग्रेस को जनता के हित के बजाय राजनैतिक ज्यादा नजर आ रहा था। रतलाम में कॉलोनियों को वैध कर वहां विकास कार्य करने के लिए 4 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। जिन कॉलोनियों में न्यायालय के फैसले के बाद विकास कार्य ठप हो गए है और ठेकेदारों ने सड़के खोदकर गड्ढे छोड़ दिए है। वहां के कॉलोनी वासियों को उन्होंने आश्वस्त किया है कि वे सड़के दुरुस्त करवाएंगे। सरकार यदि रुचि नहीं लेगी, तो गड्ढे भराने का कार्य वे अपने स्वयं के व्यय से करवाएंगे। संबंधित कॉलोनियों को वैध करवाकर रहवासियों को सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट में भी पक्ष रखा जाएगा।
प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमराई
श्री काश्यप ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता संभाली तब से प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। प्रदेश के जिम्मेदार अधिकारियों के लगातार तबादले कमलनाथ सरकार की एकमात्र प्राथमिकता बन गई है। एक ही अधिकारी का 10 दिन में चार-चार बार तबादला कमलनाथ सरकार के तबादला उद्योग की कहानी स्वयं ही कहता है। पुलिस अधिकारियों को यह पता नहीं होता कि सुबह उनका जहां तबादला हुआ है, वह शाम तक वहां रह पाएंगे या नहीं। मंत्री से लेकर संत्री में अनिश्चितता को माहौल है। प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार मुख्यमंत्री कमलनाथ के राज में प्रदेश की जनता पानी और बिजली के लिए त्राही-त्राही कर रही है। शिवराज सरकार के राज में 24 घण्टे बिजली पाने वाला राज्य आज कांग्रेस राज में अंधेरे से संघर्ष करने को मजबूर है।
प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ वादा खिलाफी
भाजपा विधायक श्री काश्यप ने कहा कि विधानसभा चुनाव में प्रदेश के बेरोजगार युवाओं से कांग्रेस ने वादा किया था कि कांग्रेस सरकार बनने पर बेरोजगारों को 4 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा, लेकिन प्रदेश के एक भी बेरोजगार को कमलनाथ सरकार ने बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया है। बेरोजगारों के साथ यह किसी भद्दे मजाक से कम नहीं है। इससे बड़ा मजाक कमलनाथ सरकार ने बेरोजगार युवाओं को यह कहकर किया कि प्रदेश के होनहार युवाओं को बेंड बजाना चाहिए और ढोर चराना चाहिए। श्री काश्यप ने आरोप लगाया कि गाय के नाम पर वोट मांगने वाली कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने पिछले 6 माह के अपने कार्यकाल में एक भी गौशाला का निर्माण नहीं किया है। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में बेटियों को स्कूटी देने का वादा किया था, लेकिन प्रदेश में छात्र-छात्राओं के लेपटॉप पर भी अब संकट खड़ा हो गया है। श्री काश्यप ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने तत्कालीन भाजपा की शिवराज सरकार द्वारा सम्बल योजना जैसी अनेक गरीब हितैषी योजनाओं को बंद करके यह जता दिया है कि कांगे्रस हमेशा गरीब विरोधी मानसिकता से ग्रस्त रही है।
प्रेस कांफ्रेंस में श्री काश्यप के साथ जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, जिला महामंत्रीद्वय मनोहर पोरवाल, प्रदीप उपाध्याय, मण्डल अध्यक्ष रमेश बदलानी, निगम अध्यक्ष अशोक पोरवाल, जिला मीडिया प्रभारी अरुण राव भी उपस्थित थे।

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