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माननीय उच्च न्यायालय इंदौर द्वारा एससी/एसटी एक्ट मेंं अग्रिम ज़मानत स्वीकार

BySurendra Jain

Jun 17, 2019

खबर पक्की : संक्षेप मेंं मामला इस प्रकार है कि सैनिक कॉलोनी रतलाम मेंं रहने वाली एक युवती का अफेयर सैनिक कॉलोनी रतलाम मेंं ही रहने वाले एक युवक से (अपीलार्थी) से चल रहा था जिसके बाद युवती के घर वालों ने अपीलार्थी के घर जाकर अपीलार्थी से लड़ाई झगड़ा किया और जो सीसीटीवी फूटेज मेंं कैद हो गया। बाद मेंं युवती के घर वालों ने पोलीस और युवती पर दबाव बनाकर अपीलार्थी के विरुद्ध एससी/ एसटी एक्ट मेंं एक झुठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। जिसके बाद अपीलार्थी द्वारा अधिवक्ता गौरव पांचाल के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अग्रिम ज़मानत प्रस्तुत की। जिस पर अधिवक्ता गौरव पांचाल द्वारा न्यायालय को बताया की युवती और अपीलार्थी के मध्य पिछले 5 वर्षों से अफेयर चल रहा हें उसके बीच अपीलार्थी ने युवती को जातिसूचक शब्द नहीं कहे और आज दुर्भावनावश उस पर जाती सूचक शब्द कहने का झूठा आरोप लगा दिया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अधिवक्ता गौरव पांचाल के तर्कों से सहमत होकर अपीलार्थी की अग्रिम ज़मानत स्वीकार कर ली गई
गौरव पांचाल, एडवोकेट
म.प्र. उच्च न्यायालय

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