रतलाम। कस्तुरबा नगर में शनिवार को एक साथ मां-बेटे की अंतिम यात्रा निकली, तो क्षेत्रवासियों की आंखे भर आईं। अंतिम यात्रा जवाहर नगर मुक्तिधाम पहुंची, जहां एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
कस्तूरबा नगर निवासी अभिभाषक सतीश नागर का शुक्रवार रात निधन हो गया था। उनके निधन के बाद देर रात उनकी माता सुशीलादेवी नागर ने भी अंतिम सांस ली। इससे परिवार सहित पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। श्री नागर के पुत्र महेंद्र उस समय बड़ोदरा एवं पुत्री विजयेता गुडग़ांव में थे। सूचना मिलने पर वे रतलाम पहुंचे। शाम 4.30 बजे दोनों की अंतिम यात्रा निकाली गई। मुक्ति धाम में श्री नागर को पुत्र महेंद्र तथा उनकी माता को ज्येष्ठ पुत्र सुशील नागर ने मुखाग्नि दी। इसके बाद शोकसभा में नागर समाज के डॉ. मनोहरलाल शर्मा,डॉ.प्रदीप व्यास,संजय दवे, सूर्यनारायण उपाध्याय,डॉ. विजयकृष्ण व्यास, भूपेंद्रसिंह सिसोदिया, कर्मचारी नेता एसबी श्रीवास्तव, चंद्रशेखर शर्मा, पेंशनर एसोसिएशन के श्री जोशी,
अभिभाषक संघ के सचिव प्रकाश राव पंवार,पूर्व अध्यक्ष आशुतोष अवस्थी,पूर्व पार्षद पवन सोमानी,कांग्रेस नेता राजेश सक्सेना, रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व सचिव अरुण त्रिपाठी, सर्व ब्राह्मण समाज के नरेंद्र जोशी, अमरनाथ सारस्वत आदि ने श्री नागर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन विष्णुदत्त नागर ने किया।
एक साथ हुआ मां-बेटे का अंतिम संस्कार, अभिभाषक नागर का निधन, पुत्र के बाद माता ने भी ली अंतिम सांस
