इंदौर। रेलवे ने पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में मसाज यानि मालिश का ठेका निरस्त कर दिया है। उल्लेखनीय है कि रेल में मसाज आरंभ करने का पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ सांसद शंकर लालवानी ने विरोध किया था। इस संबंध में रेलमंत्री को पत्र भी लिखे गए थे। इसके बाद आज पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने इस संबंध में विज्ञप्ति जारी की।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले ट्रेनों में मसाज प्रोवाइडर के साथ ही रेलवे इंदौर स्टेशन पर भी मसाज पार्लर की सुविधा आरंभ करने की योजना थी। प्रस्ताव की मंजूरी के बाद इंदौर स्टेशन पर पार्लर बनाने का काम शुरू हो गया था। खास बात यह है कि इसका बाहरी रूप रेल कोच जैसा ही दिया जाना था। प्रयोग सफल होने पर यात्री संख्या और जरूरत के मान से अन्य स्टेशनों पर भी यह सुविधा आरंभ की जाना थी।
दूसरी ओर रेलवे ने इंदौर से चलने वाली ट्रेनों में मसाज प्रोवाइडर की सुविधा का एलान करने के बाद फर्म के लिए शर्तें भी निर्धारित कर दी थी। यात्रियों के लिए ट्रेनों में मसाज प्रोवाइडर और इंदौर स्टेशन पर मसाज पार्लर सुविधा के लिए सीनियर डीसीएम सुनील कुमार मीणा के निर्देशन पर कमर्शियल इंस्पेक्टर बाबर कुरैशी ने प्रस्ताव तैयार किए थे। इसके बाद डीआरएम ने इसकी मंजूरी दी थी।
इसमें रेलवे को करीब चार लाख रुपए सालाना आय बताई जा रही थी। इसकी मंजूरी के बाद रेलवे ने इसका डिजाइन तैयार किया था। आयलैंड प्लेटफॉर्म नंबर 5 व 6 पर एस्केलेटर के पास इसका निर्माण किया जा रहा था। एक-माह में दोनों तरह की सुविधा मिलना शुरू होना था।
लंबी दूरी के ट्रेनों में पुरुष मसाजरों को परमिट जबकि इंदौर-भोपाल जैसे कम दूरी वाले ट्रेनों में महिलाओं को भी रोजगार मिलना था। महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें कम दूरी वाली ट्रेनों में ही रखा जाना था।
रतलाम मंडल की ट्रेनों में मसाज का ठेका रेलवे ने किया निरस्त
