रतलाम। नाम- सुनीता, उम्र 22 साल, रतलाम शहर की पी एंड टी कॉलोनी में रहने वाली युवती। इसका काम आप सुनेंगे तो चौंक जाएंगे। सुनीता शहर के ही संभ्रात परिवारों के युवाओं से पहले फोन पर दोस्ती गांठती, व्हाट्सअप पर चेटिंग करके उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर एकांत में बुलाती और बाद में 4 अपराधियों की गैंग के साथ मिलकर इन्हें ब्लेकमेल करती थी।
मछोले शहर रतलाम में इस तरह का अपराध संभवत: पहली बार सामने आया है। पुलिस ने गुरूवार को सुनीता उर्फ सोनू पति मुकेश झाला और उसके साथी सुभाष पिता राधेश्याम बैरवा निवासी अंबेडकर नगर, भाऊ उर्फ हरदयाल पिता प्रभुदयाल रैनीवाल निवासी जवाहर नगर, रूपेश पिता महेश कंडारे निवासी लक्ष्मणपुरा और जयेश पिता प्रकाशचंद्र नरवरे निवासी गांधी नगर को हनी ट्रेप के एक मामले में गिरफ्तार किया है। एसपी अमित सिंह की माने तो इस गैंग ने रतलाम शहर में कई लोगों को ब्लेकमेल किया है लेकिन ऐसे लोगों ने बदनामी के डर से शिकायत नहीं की। फिलहाल ऐसे 2 मामलों का पता चला है जिनमें सोनू के प्रेम जाल में फंसे लोगों से 1 लाख रूपए नगद, दो-दो लाख रूपए के दो चेक और एक मोबाइल फोन लूटा गया है।
ऐसे काम करता था गिरोह
सोनू उर्फ सुनीता पी एंड टी कॉलोनी की निवासी है। उसकी शादी जावरा में रहने वाले मुकेश झाला से हुई थी लेकिन वह पति के साथ नहीं रहती है। चारों आरोपी सुभाष, भाऊ, रूपेश और जयेश से उसका परिचय है। चारों ही किसी सम्पन्न परिवार के युवा का नंबर जुटाते, फिर सोनू उससे फोन पर दोस्ती बढ़ाती और प्रेम प्रसंग का नाटक करके किसी सूनी जगह पर बुला लेती थी। कुछ देर बाद ही चारों आरोपी भी वहां पहुंच जाते, वे सोनू के नकली रिश्तेदार बनकर प्रेम प्रसंग में फंसे युवा के साथ मारपीट करते और उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट करने की धमकी देते। फिर इन्हीं में से एक सुभाष मध्यस्त बनकर रूपए-पैसे में सेटलमेंट कराने में जुट जाता।
