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झाबुआ के भाजपा प्रत्याशी डामोर का जिन्ना प्रेम कोई नया नहीं, इसके पहले भी जिन्ना के प्रेम में भाजपा नेता उनकी मजार पर पहुंच चुके हैं: शोभा ओझा

BySurendra Jain

May 12, 2019

खबर पक्की : मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने आज रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी और भाजपा विधायक गुमान सिंह डामोर के उस बयान को हास्यास्पद और काल्पनिक बताते हुए तीखी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि “अगर मोहम्मद अली जिन्ना प्रधानमंत्री बनते तो देश के टुकड़े नहीं होते।” ओझा ने कहा कि डामोर की इस तरह की सोच, कोई नई नहीं है, भाजपा संघ और उसके श्यामा प्रसाद मुखर्जी, सावरकर, आडवाणी, जसवंत सिंह और मोदी जैसे नेताओं का जिन्ना और पाकिस्तान प्रेम देश देख चुका है।आडवाणी तो जिन्ना के प्रेम में उनकी मजार तक पहुंच गए थे। श्रीमती ओझा ने कहा कि यह सभी जानते हैं कि 1941 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंगाल में फजलुल हक की सरकार में वित्त मंत्री थे, मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा गठबंधन की सरकार के मुखिया फजलुल हक ने ही पाकिस्तान का प्रस्ताव पहली बार पेश किया था, यह वह दौर था जब गांधी, नेहरू और पटेल जैसे कांग्रेस के नेता जेल में थे। इस दौरान जिन्ना और सावरकर ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया, जिन्ना ने उस समय सेंट्रल असेंबली में कहा कि “अंग्रेजों ने भारत के अल्पसंख्यकों के लिए, यदि वक्त रहते प्रावधान नहीं किए तो वह बहुसंख्यकों के रहमोकरम पर जिंदा रहेंगे और कभी बराबरी हासिल नहीं कर पाएंगे। ” साफ है की विभाजन को लेकर जिन्ना की सोच बिल्कुल स्पष्ट थी और वह विभाजन के पूरी तरह से पक्षधर थे। केवल श्यामा प्रसाद मुखर्जी ही नहीं, सावरकर से लेकर हिंदू महासभा के कई अन्य लोग भी, जो आजादी और भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध कर रहे थे, वे जिन्ना के प्रति प्रेम रखते थे। उनके साथ सरकार में शामिल थे या सहयोगी थे। श्रीमती ओझा ने कहा कि आजादी के बाद भी लालकृष्ण आडवाणी ने जिन्ना की मजार पर जाकर अपने जिन्ना प्रेम और उनके प्रति श्रद्धा को दर्शाया। जसवंत सिंह ने जिन्ना पर किताब लिखी, जिसमें जिन्ना की प्रशंसा में कसीदे पढ़े गए। श्रीमती ओझा ने कहा कि अभी हाल ही में इमरान खान ने बयान दिया था कि हम भारत में भाजपा की सरकार चाहते हैं। साफ है कि भाजपा का जिन्ना और पाकिस्तान प्रेम और पाकिस्तान का भाजपा प्रेम पूरी तरह से अटूट है। श्रीमती ओझा ने कहा कि देश में विभाजनवादी, विभाजनकारी सोच और विचारधारा पर हमें पाकिस्तान और नवाज शरीफ के घर बिन बुलाये, बिरयानी खाने वाले मोदी जी और उनकी पार्टी से, किसी प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है। उल्लेखनीय है कि अभी-अभी टाइम मैगजीन ने मोदी जी को “डिवाइडर इन चीफ” की उपाधि से नवाजा है।साफ है कि प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने भी यह सिद्ध कर दिया है कि असली टुकड़े-टुकड़े गैंग का मुखिया आखिर कौन है?

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